विकास कुमार, सहरसा। देशभर में कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर उन वीर सपूतों कोदद किया जाता है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। इसी कड़ी में बिहार के सहरसा जिले के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध गांव वनगांव में स्थित कारगिल शहीद सिपाही रमण कुमार झा की प्रतिमा स्थल पर एक भव्य और गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कोशी प्रमंडल के दूर-दराज क्षेत्रों से आए पूर्व सैनिकों, कनिष्ठ पदाधिकारियों, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ शिरकत कर देश के अमर शहीद को नमन किया।
मेडल के साथ पहुंचे पूर्व सैनिक, दो मिनट का रखा गया मौन
कारगिल विजय दिवस के मौके पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह से देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ था। इस दौरान कोशी प्रमंडल के पूर्व सैनिक अपने पदकों (मेडल) के साथ गर्व से पहुंचे थे। सभी ने मिलकर शहीद सिपाही रमण कुमार झा की प्रतिमा पर पुष्पचक्र और रंग-बिरंगे पुष्प अर्पित किए तथा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके सर्वोच्च बलिदान को गहराई से याद किया। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कारगिल युद्ध के उन कठिन दिनों को याद करते हुए कहा कि किस प्रकार भारतीय सेना के वीर जवानों ने दुर्गम पहाड़ियों और विपरीत परिस्थितियों में अदम्य साहस, असाधारण वीरता और पराक्रम का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की थी।
वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि शहीद रमण कुमार झा का यह महान बलिदान केवल उनके परिवार या गांव के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली हर एक पीढ़ी के लिए एक अमर प्रेरणास्रोत है। उनके इस अतुलनीय त्याग और राष्ट्रभक्ति को देश कभी नहीं भुला सकता।
राष्ट्रसेवा का संकल्प और युवाओं से आह्वान
श्रद्धांजलि सभा के दौरान कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों और पूर्व सैनिकों ने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर और समर्पित रहने का एक दृढ़ संकल्प लिया।
पूर्व सैनिकों ने विशेष रूप से आज की युवा पीढ़ी से अपील की कि वे अपने भीतर राष्ट्रसेवा की सच्ची भावना को अपनाएं और कारगिल शहीदों के उच्च आदर्शों तथा मार्गों पर चलकर देश को और अधिक मजबूत बनाएं। सैनिकों ने कहा कि युवाओं को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और समाज निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि और उनके विचार
इस श्रद्धांजलि सभा में कई गणमान्य अधिकारियों और समाजसेवियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान प्रमुख रूप से दो महत्वपूर्ण वक्तव्य दिए गए:
कर्नल अमित सिन्हा (पदाधिकारी, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, सहरसा) ने अपने संबोधन में सैनिकों के जीवन और उनके अनुशासन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्र की रक्षा सर्वोपरि है।
प्रवीण कुमार झा (कोशी प्रमंडल प्रभारी) ने शहीद रमण कुमार झा के जीवन और उनके संघर्षों को याद करते हुए युवाओं को उनके पदचिन्हों पर चलने के लिए प्रेरित किया।
भारत माता की जय के नारों के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन बेहद उत्साहवर्धक और देशभक्ति से ओत-प्रोत माहौल में हुआ। अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में भारत माता की जय और वंदे मातरम् का गगनभेदी जयघोष किया।
कार्यक्रम में शामिल सभी नागरिकों ने शहीद रमण कुमार झा के बलिदान को बारंबार नमन किया और उनके सपनों के एक सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित भारत के निर्माण में अपनी-अपनी सहभागिता पूरी निष्ठा के साथ निभाने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि थी, बल्कि क्षेत्र के लोगों के लिए राष्ट्रप्रेम का एक जीवंत उदाहरण बन गया।


