राजस्थान में Rajasthan Panchayat Elections 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए जिला कलेक्टरों और उपमंडल मजिस्ट्रेट (SDM) को पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने की जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव एवं आयुक्त जोगाराम द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा।

कलेक्टर और SDM को मिली अहम जिम्मेदारी

नई व्यवस्था के तहत जिला कलेक्टर अपने-अपने जिलों में जिला परिषद वार्ड, पंचायत समिति वार्ड और प्रधान पदों के लिए आरक्षण तय करेंगे। वहीं, संबंधित एसडीएम अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के वार्डों और सरपंच पदों के आरक्षण को अंतिम रूप देंगे। हालांकि, अंतिम आरक्षण सूची जारी करने से पहले अधिकारियों को ओबीसी (राजनीतिक) आयोग की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।

5 अगस्त तक आएगी OBC आयोग की रिपोर्ट

राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट को बताया है कि ओबीसी (राजनीतिक) आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। यह रिपोर्ट 15 जुलाई को हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में तैयार की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद लॉटरी प्रणाली के माध्यम से आरक्षण प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य 15 अगस्त तक आरक्षण प्रक्रिया समाप्त करना है।

41 जिला परिषद और 14,403 ग्राम पंचायतों में होंगे चुनाव

  • 41 जिला परिषद
  • 457 पंचायत समितियां
  • 14,403 ग्राम पंचायतें

जिला मुख्यालयों पर होगी आरक्षण की लॉटरी

सरपंच, उपसरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख और वार्ड सदस्यों के पदों के आरक्षण के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। जिला स्तर पर यह प्रक्रिया जिला कलेक्टर की निगरानी में होगी, जबकि उपखंड स्तर पर एसडीएम इसकी देखरेख करेंगे।

अगस्त में शुरू हो सकती है चुनाव प्रक्रिया

राजस्थान हाई कोर्ट में हुई हालिया सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने संकेत दिया कि पंचायत चुनाव प्रक्रिया अगस्त में शुरू हो सकती है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मतदान 4 चरणों में कराया जा सकता है।

15 नवंबर तक पूरी हो सकती है चुनाव प्रक्रिया

हाई कोर्ट के समक्ष पेश अस्थायी कार्यक्रम के अनुसार राज्य सरकार 15 नवंबर तक पंचायत चुनाव संपन्न कराने की तैयारी में है। यह समयसीमा अदालत के उस निर्देश के अनुरूप है, जिसमें पूरी प्रक्रिया 90 दिनों के भीतर पूरी करने को कहा गया है। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा।

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