जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी। मामले की सुनवाई एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालर की अदालत में हुई।

क्या है जंतर-मंतर मारपीट मामला?

यह मामला जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। घटना के बाद शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस जांच के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद मामला अदालत पहुंचा और उनकी ओर से जमानत के लिए याचिका दायर की गई।

कोर्ट में हुई दोनों पक्षों की दलीलें

पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े अपने-अपने तर्क रखे। एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत देने का आदेश पारित किया।

फिलहाल तीन सप्ताह की राहत

अदालत के इस आदेश से स्वतंत्र भारद्वाज को फिलहाल तीन सप्ताह के लिए राहत मिल गई है। हालांकि, यह अंतरिम जमानत है और मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। जंतर-मंतर पर हुए इस कथित मारपीट प्रकरण को लेकर पुलिस जांच और अदालत में चल रही कार्यवाही पर आगे की तस्वीर आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगी।