पटना। ​आज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एक दिवसीय दौरे पर पटना पहुंच रहे हैं। वे बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और आधुनिक बिहार के शिल्पकार डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (श्री बाबू) की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम राजधानी पटना के प्रतिष्ठित बापू सभागार में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन में उनके अमूल्य योगदान, बिहार के समग्र निर्माण और राज्य में सामाजिक सुधारों के ऐतिहासिक कार्यों को श्रद्धापूर्वक याद किया जाएगा। दोपहर 1:30 बजे खड़गे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

​नेतृत्व और संगठनात्मक महत्व

​इस गरिमामयी कार्यक्रम की अगुवाई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह कर रहे हैं। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम सहित पार्टी के तमाम दिग्गज नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मल्लिकार्जुन खड़गे का यह पटना दौरा आगामी सांगठनिक गतिविधियों और पार्टी की रणनीतिक तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और राज्य में संगठन को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

​आधुनिक बिहार के निर्माता: डॉ. श्रीकृष्ण सिंह

​डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को आधुनिक बिहार के निर्माण में आधारशिला रखने वाले दूरदर्शी नेताओं में शुमार किया जाता है। राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण, शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और औद्योगिक विकास के लिए कई दूरगामी पहल की थीं। जयंती समारोह के दौरान उनके संपूर्ण राजनीतिक जीवन, महान विचारों और जनसेवा के समर्पण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। वक्ताओं द्वारा उनके उन ऐतिहासिक कदमों को रेखांकित किया जाएगा जिन्होंने बिहार को एक नई दिशा प्रदान की थी।

​वंचितों और शोषितों के उत्थान को समर्पित जीवन

​राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का पूरा जीवन समाज के वंचित, शोषित और हाशिए पर खड़े लोगों के उत्थान के लिए पूरी तरह समर्पित था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में श्री बाबू की सक्रिय भूमिका और आजादी के बाद बिहार के पुनरुद्धार और चहुंमुखी विकास में उनके अद्वितीय योगदान को गहराई से याद किया।

​जमींदारी उन्मूलन और सामाजिक समानता की मिसाल

​प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने बिहार से जमींदारी प्रथा को समाप्त करने में श्रीकृष्ण सिंह की ऐतिहासिक भूमिका को सामाजिक और आर्थिक सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने देवघर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक मंदिर में दलितों के प्रवेश से जुड़ी उनकी साहसिक पहल का भी विशेष उल्लेख किया। इस ऐतिहासिक कदम को जातिगत भेदभाव, छुआछूत और सामाजिक बहिष्कार के खिलाफ एक मजबूत संघर्ष का उल्लेखनीय उदाहरण माना गया।

​युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा और संदेश

​कांग्रेस पार्टी के अनुसार, इस जयंती समारोह का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी और आम जनता को श्री बाबू के महान आदर्शों, उनकी राजनीतिक विरासत और सामाजिक समानता के विचारों से परिचित कराना है। पार्टी उनके जीवन और योगदान के माध्यम से समाज में सामाजिक न्याय, बराबरी और समावेशी विकास के मूल मूल्यों को आगे बढ़ाना चाहती है।
​इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने राज्य के समस्त नागरिकों, प्रबुद्ध बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे भारी संख्या में इस समारोह में पहुंचकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाएं। खड़गे के इस दौरे से बिहार कांग्रेस में एक नई ऊर्जा का संचार होने की पूरी उम्मीद है।