शरद पाठक, छिंदवाड़ा. पुंछ आतंकी हमले (Terrorist Attack in Poonch) में शहीद हुए मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के लाल विक्की पहाड़े (Vicky Pahade) का आज पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा. शहीद जवान विक्की पहाड़े का आज गृह ग्राम नोनिया करबल (छिंदवाड़ा) में अंतिम संस्कार होगा. इस पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. जहां उन्होंने उन्होंने परिवार के सदस्यों से बात की. वहीं राज्य सरकार ने विक्की पहाड़े के परिवार को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की बात कही है.

दरअसल, जम्मू कश्मीर के पुंछ (Terrorist Attack in Poonch) में शनिवार को आतंकवादियों ने भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के एक काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया था. जिसमें छिंदवाड़ा जिले के विक्की पहाड़े की मौत हो गई थी. जबकि चार अन्य सैनिक घायल हो गए थे. वह 7 मई को अपने बेटे का जन्मदिन मनाने घर आने वाले थे.

विक्की पहाड़े का पार्थिव शरीर एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर से नागपुर से सुबह 10.30 बजे इमलीखेड़ा हवाई पट्‌टी (छिंदवाड़ा) लाया गया. गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद विशेष वाहन से पार्थिव शरीर को परासिया रोड से नोरिया करबल ले जाया जा रहा है.

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शहीद विक्की पहाड़े को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए छिंदवाड़ा पहुंचे. जहां उन्होंने परिवार के सदस्यों से बात की. मुख्यमंत्री मोहन यादव भारतीय वायुसेना के जवान कॉर्पोरल विक्की पहाड़े के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके पैतृक स्थान छिंदवाड़ा पहुंचे. उन्होंने कहा, “कॉर्पोरल विक्की पहाड़े को गार्ड ऑफ ऑनर और राजकीय सम्मान दिया जाएगा, लेकिन उनकी व्यक्तिगत क्षति कोई नहीं भर सकता. हमें विक्की पहाड़े पर बहुत गर्व है…”

विक्की पहाड़े अपने पीछे पांच साल का बेटा पत्नी समेत अपना हरा भरा परिवार को छोड़ गए. शहीद जवान को वायु सेवा के जवानों द्वारा गाड ऑफ़ ऑनर दिया गया. भारत माता की जय. वीर जवान अमर रहे के नारे लगे. इस मौके पर सड़क के दोनों और आम जनता ने अमर शहीद विक्की पहाडे को अंतिम विदाई दी.

गौरतलब है कि 4 मई को जम्मू कश्मीर के पूंछ सेक्टर के शाहसितार में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हुए आतंकी हमले में वायुसेना के 5 जवान घायल हुए थे, जिनको सेना के हेलीकाप्टर से उधमपुर आर्मी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था. जहां देर रात तक एक जवान कॉरपोर्ल विक्की पहाड़े ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया.

पूरी वायुसेना और देश को उनके शौर्य और पराक्रम पर गर्व है. शहीद जवान कॉरपोरल पहाड़े अपने पीछे एक 5 वर्षीय पुत्र और पत्नी समेत अपने परिवा को छोड़ गए. पहाड़े घर के इकलौते पुत्र और थे जिनकी 3 बहने भी हैं. शहीद जवान 3 दिन बाद बेटे के जन्मदिन के लिए घर जाने वाले थे.

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