सोहराब आलम, मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नगर थाना क्षेत्र की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बेली सराय इलाके में छापेमारी कर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पंकज गुप्ता और राजू कुशवाहा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है, जिसमें लगभग 20 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, कई पैन कार्ड और दो मोबाइल फोन शामिल हैं। इन बरामदगी से साफ जाहिर होता है कि ये लोग किसी बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े में लंबे समय से सक्रिय रूप से शामिल थे।

​पाकिस्तान से जुड़े मिले तार

​इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू इसका पाकिस्तान कनेक्शन है। प्रारंभिक जांच और पुलिसिया पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये दोनों युवक पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहे थे। सरहद पार बैठा मास्टरमाइंड भारत के युवाओं को आसान कमाई और कमीशन का प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद, साइबर ठगी से कमाए गए अवैध रुपयों को इन स्थानीय युवकों के खातों या नेटवर्क के माध्यम से ट्रांसफर करवाया जाता था। इस तरह की अवैध फंडिंग और ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल देश विरोधी या अन्य गलत गतिविधियों में किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

​पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त जांच

​मामले की गंभीरता को देखते हुए मोतिहारी पुलिस पूरी तरह से सतर्क हो गई है। सदर एसडीपीओ दिलीप कुमार ने इस पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इस रैकेट की गहराई तक पहुंचने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही, गिरफ्तार किए गए युवकों से मिलने वाले इनपुट और आउटपुट लिंक को खंगालने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से इस बात की जांच कर रही हैं कि इस पाकिस्तानी सिंडिकेट का दायरा बिहार के अन्य जिलों या देश के दूसरे हिस्सों तक कितना फैला हुआ है।