सोहराब आलम, मोतिहारी। पुलिस ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत एक सराहनीय पहल करते हुए लगभग 102 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को वापस लौटाए हैं। इस विशेष अभियान के जरिए पुलिस ने जिले के नागरिकों के चेहरों पर त्योहार की खुशियां बिखेर दी हैं। जिन लोगों को उनके बहुमूल्य उपकरण वापस मिले हैं, उनमें महिलाओं की संख्या भी अच्छी-खासी है।

​संचार साथी पोर्टल की रही महत्वपूर्ण भूमिका

​मोबाइल वापस पाने वाले नागरिकों ने अपने फोन गायब होने या चोरी होने की शिकायत भारत सरकार के संचार साथी एप के माध्यम से दर्ज कराई थी। इस पोर्टल पर मिली शिकायतों को आधार बनाकर मोतिहारी पुलिस ने तकनीकी मोर्चे पर कार्रवाई शुरू की।

​एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर आईटी सेल की सक्रियता

​मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात के सख्त निर्देशों के बाद, जिला पुलिस की आईटी सेल और तकनीकी शाखा ने इस मामले में सक्रिय रूप से काम किया। पुलिस टीम ने सर्विलांस और अन्य तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए विभिन्न स्थानों से कुल 102 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों की बाजार में कुल कीमत लाखों रुपए आंकी गई है।

​पुलिस भवन में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम

​रक्षाबंधन के शुभ दिन पर पुलिस भवन मोतिहारी में एक विशेष वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान एसपी स्वर्ण प्रभात की मौजूदगी में सभी वैध धारकों को उनके खोए हुए मोबाइल सौंपे गए। अपने गुम हो चुके महंगे फोन दोबारा पाकर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उपभोक्ताओं ने मोतिहारी पुलिस और विशेषकर एसपी स्वर्ण प्रभात के इस जनहितैषी प्रयास की दिल से सराहना की।

​’ऑपरेशन मुस्कान’ से जनता का पुलिस पर बढ़ा भरोसा

​इस सफल अभियान के बाद एसपी स्वर्ण प्रभात ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मोतिहारी पुलिस आम जनता की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। ‘ऑपरेशन मुस्कान’ का मुख्य उद्देश्य लोगों के चेहरे पर खोई हुई मुस्कान वापस लाना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि भविष्य में किसी का मोबाइल गुम या चोरी होता है, तो वे तुरंत संचार साथी पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि पुलिस समय रहते उचित कार्रवाई कर सके। इस तरह की पहल से आम जनता और पुलिस के बीच का रिश्ता और अधिक मजबूत होता है तथा पुलिस प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी गहरा होता है।