सोहराब आलम, मोतिहारी। शहर के छतौनी थाना क्षेत्र में हुई राजन कुमार की सनसनीखेज हत्या के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के दूसरे दिन मृतक राजन का अंतिम संस्कार उसके पैतृक आवास के पास किया गया। दिल्ली से पिता के वापस लौटने के बाद परिवार, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में यह अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन था और हर किसी की आंखें नम थीं।
दिल दहला देने वाली घटना और मुख्य विवरण
मृतक राजन कुमार छतौनी थाना क्षेत्र के बड़ा बरियारपुर वार्ड नंबर 45 के रहने वाले विजय सहनी का इकलौता और लाडला पुत्र था। मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में वह डाक बम की सेवा और यात्रा देखने के लिए अपने घर से बाहर निकला था। इसी दौरान पुराना रहमानिया अस्पताल के पास अज्ञात या आपसी रंजिश के चलते उस पर धारदार चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। इस घातक हमले में राजन गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों के दिलों में सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा था कि आखिर एक युवा की इतनी बेरहमी से हत्या क्यों की गई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना के असली गुनाहगारों को जल्द से जल्द बेनकाब किया जाए।

पिता का छलका दर्द और पुलिस की कार्रवाई
बेटे की अर्थी को कंधा देते वक्त पिता विजय सहनी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। फूट-फूटकर रोते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने राजन को घर से बाहर जाने से मना किया था। पिता का यह पछतावा हर किसी को झकझोर रहा था कि अगर राजन ने उनकी बात मान ली होती, तो आज वह उनके बीच जिंदा होता। इस आकस्मिक त्रासदी ने पूरे परिवार को अंदर से तोड़कर रख दिया है। कुछ दिन पहले तक जिस घर में खुशियों का माहौल था, वहां अब चूल्हा तक नहीं जला है और मां तथा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दूसरी ओर, इस सनसनीखेज मामले में पुलिस प्रशासन ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही, पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी और इस खौफनाक वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे। ग्रामीणों ने भी पुलिस से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।


