अजय शर्मा,भोपाल। राज्य में कोयला संकट के बीच केंद्र सरकार से मध्यप्रदेश सरकार को बड़ा झटका लगा है. मध्यप्रदेश को विदेशी कोयला लेना होगा. कोयला संकट के बीच केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय का राज्यों के लिए फरमान जारी किया है. मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यों को विदेशी कोयला खरीदना होगा. विदेशी कोयला नहीं खरीदने वाले राज्यों को 60 फीसदी ही देसी कोयला मिलेगा. कोयला संकट के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने भी विदेशी कोयले का टेंडर जारी किया था. केंद्र सरकार ने भी ग्लोबल टेंडर के जरिए कोयला विदेशों से इंपोर्ट किया.
सरकार की योजनाओं पर लगी रोक
मध्यप्रदेश में चुनाव आयोग की आचार संहिता के बीच राज्य सरकार की योजनाएं अधर में लटक गईं है. मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, तीर्थ दर्शन योजना सहित कई योजनाओं पर रोक लग गई है. 20 जुलाई तक सरकारी खर्च पर शादियां और निकाह नहीं होंगी. बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा के लिए राज्य सरकार ने दर्जन भर ट्रेनें बुक कराई थी. ऐन वक्त पर योजना को एक्सटेंशन देना पड़ा.
अधिकारियों के कार्य में हुआ विभाजन
मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों का कार्य विभाजन किया है. मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर कई विभागों के अधिकारियों को दायित्व सौंपे हैं. कार्य योजना समिति की रिपोर्ट के बाद बड़े पैमाने पर फेरबदल हुआ है. अंडर सेक्रेट्री और एडिशनल सेक्रेटरी के अफसरों को भी शामिल किया गया है.
नक्सल क्षेत्रों में चुनाव कराना चुनौती
प्रदेश में नक्सल मूवमेंट अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में चुनाव कराने सरकार के लिए चुनौती है. मंडला, बालाघाट और डिंडोरी में चुनाव कराने के लिए योजना बनाई जाएगी. 6 जून को गृह विभाग के अधिकारी जिलों के एसपी से चुनाव में सुरक्षा को लेकर बैठक करेंगे. राज्य निर्वाचन आयोग ने गृह विभाग को अति संवेदनशील इलाकों में सुरक्षित चुनाव कराने के लिए पत्र लिखा था.
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