एसआर रघुवंशी, गुना। मध्य प्रदेश के गुना में शनिवार को केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने लोकार्पण-भूमिपूजन और शिलान्यास किया। सिंधिया का यह कार्यक्रम गुना शहर के हृदय स्थल लक्ष्मीगंज क्षेत्र में रखा गया था, जहां एक सभा भी हुई। इस सभा में सरकारी बैनर ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
दरअसल, इस बैनर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहले श्री और सीएम डॉ मोहन यादव के नाम से पहले डॉ. लिखा हुआ था। यहां तक सब ठीक था, इसमें कुछ गलत और अनोखा भी नहीं है। लेकिन इन दोनों बड़े नेताओं के ठीक सामने जिला प्रशासन ने प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री राकेश सिंह, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री करण सिंह वर्मा समेत कई स्थानीय नेताओं के फोटो लगाए। जिनके नामों से पहले माननीय श्री शब्द का इस्तेमाल किया गया।
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गौर करने वाली बात यह है कि ‘श्री’ शब्द अपने आप में आदर का भाव व्यक्त करता है। लेकिन जब ‘माननीय’ शब्द जोड़ दिया जाए तो व्यक्ति का आदर व कद और अधिक बढ़ जाता है। बस यही बात मौजूद जनसमूह को थोड़ी खटक गई और लोग सुगबुगाहट करते नजर आए कि क्या आखिर प्रभारी मंत्री माननीय हो सकते हैं, तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री क्यों नहीं ?
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वहीं इस पर निगम नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ट ने प्रतिक्रिया देते हुए जिला प्रशासन की अनदेखी बताया। उन्होंने निंदा करते हुए कहा कि बीजेपी सत्ता के मद चूर है न उनको नेता का ध्यान है और जिला प्रशासन को। शासकीय कार्यक्रम को भारतीय जनता पार्टीमय बनाया गया।

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