कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। रिटायर्ड सब रजिस्ट्रार के साथ बड़ी साइबर फ्रॉड की घटना हुई है। ठगों ने खुद को TRAI, IPS और CBI अधिकारी बनकर 75 साल के बुजुर्ग से 01 करोड़ 12 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में लिप्त होना बताकर डराया और 28 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा। ठगे रुपए को ठगों ने अपने चार बैंक खातों में ट्रांसफर करवाया था। पैसे लेने के बाद ठगों ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। जब बुजुर्ग ने मोबाइल पर डिजिटल अरेस्ट से जुड़े अन्य वीडियो सोशल मीडिया पर देखे तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। फिर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
6 नवंबर 2025 को ठगों ने पहला कॉल किया
दअरसल फुलबाग इलाके ओल्ड खेड़ापति कॉलोनी के 75 साल के बिहारीलाल गुप्ता सब रजिस्ट्रार के पद से रिटायर्ड हुए थे। घर में वे और उनकी पत्नी ही रहते हैं। 16 नवंबर 2025 को ठगों ने पहला कॉल उन्हें किया था। ठग ने अपना नाम रोहित शर्मा और TRAI (टेलीकॉम रेगुलेटरी अर्थोरिटी ऑफ इंडिया) का अधिकारी बताया। ठग ने कहा दिल्ली पुलिस के आदेश पर उनका मोबाइल नंबर व आधार कार्ड बंद होने वाला है। ठग ने डराते हुए कहा कि उनके खिलाफ अरेस्ट ऑर्डर जारी हो चुका और थोड़ी देर में एक आईपीएस अधिकारी उनसे बात करेगा।
उन्हें प्री-इन्वेस्टिगेशन का मौका दिया जाएगा
कुछ देर बाद बुजुर्ग के वाट्सएप पर वीडियो कॉल आया। सामने वाले ने अपना नाम नीरज ठाकुर बताया और वह IPS पुलिस की वर्दी में था। ठग ने उनसे कहा कि संदीप कुमार नाम का व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग केस में पकड़ा गया है। जिसने पूछताछ में बताया है कि उसने बिहारी लाल को 2 लाख रुपए दिए थे। उसी रकम से आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई हैं। यह सुनते ही बुजुर्ग घबरा गए। ठगों ने कहा कि वे बुजुर्ग हैं इसलिए उन्हें प्री-इन्वेस्टिगेशन का मौका दिया जाएगा। इसके लिए कथित CBI अधिकारी प्रदीप सिंह को आवेदन देना होगा।
बैंक खाते, संपत्ति और म्यूचुअल फंड निवेश की पूरी जानकारी ली
ठगों ने आवेदन लिखवाकर वाट्सएप पर मंगवाया और डराकर पूरी जानकारी उनसे निकलवा ली। बुजुर्ग को फोन काटने से मना किया और डराता रहा। ठगों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश हैं कि यह जानकारी लीक नहीं होनी चाहिए वरना आरोपी विदेश भाग सकते हैं। जिसके बाद उनकी निजी जानकारी, बैंक खाते, संपत्ति और म्यूचुअल फंड निवेश की पूरी जानकारी ली। फिर IPS अधिकारी की वर्दी पहने ठग ने कहा कि जांच के लिए उन्हें अपनी पूरी रकम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में जमा करानी होगी। जांच पूरी होने के बाद पैसा वापस उन्हें ही मिल जाएगा।
60 लाख और 52 लाख आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए
ठगों के कहने पर बुजुर्ग ने अपने SBI खाते से 60 लाख रुपए, पत्नी के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 52 लाख रुपए चार अलग-अलग चार बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए। पैसे ट्रांसफर होने के बाद ठगों ने वाट्सएप पर RBI की सील लगी फर्जी रसीद भी भेजी। इसके बाद अचानक फोन काट दिया। जब बुजुर्ग ने दोबारा कॉल किया तो सभी नंबर फोन बंद था। तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई हैं।
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