
सुधीर दंडोतिया, भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पत्रकार के खिलाफ एक्सीडेंट के झूठे केस में अड़ीबाजी का एफआईआर (FIR) के खिलाफ पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मीडियाकर्मी टीआई के खिलाफ संस्पेंड की कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में धरने पर बैठ गए हैं। मामला सीएम डॉ मोहन यादव के संज्ञान में भी आ गया है।
एक्सीडेंट जैसे मामले में अड़ीबाजी की धारा
दरअसल पत्रकार कुलदीप सिंगोरिया के खिलाफ कटारा हिल्स थाने में अड़ीबाजी की झूठी FIR दर्ज की गई है। कुलदीप को आधी रात को जबरन गिरफ्तार कर लिया गया जबकि जिस गाड़ी से एक्सीडेंट होना बताया गया है न तो वो कुलदीप की है न उस सफेद बोलेरो में कुलदीप बैठा था। संभवतः यह पहला मामला होगा जब एक्सीडेंट जैसे मामले में पुलिस ने गैरजामनती अड़ीबाजी जैसी गंभीर धाराएं लगा दी है।
एक्सीडेंट केस में मोबाइल जब्त करने का आधार स्पष्ट नहीं
फरियादी भी कुलदीप को नहीं जानता उसने फेसबुक के आधार पर FIR में नाम लिखवा दिया और पुलिस ने बिना पड़ताल किए नामजद FIR कर दी। गिरफ्तारी के वक्त कुलदीप से पुलिस द्वारा फोन छीन लिया गया न परिजनों को न मित्रों को जानकारी देने दी गई। एक्सीडेंट में मोबाइल जब्त करने का आधार स्पष्ट नहीं हो पाया है। ऐसे कई बिंदु है जो मामले को झूठा साबित करते है। रातभर से कुलदीप के परिजनों को मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। पत्रकारों के साथ भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल भी मौजूद है।



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