डॅाक्टर की मिलीभगत से हार्डवेयर व्यापारी बेच रहा था 24 हजार में एक रेमडेसिविर इंजेक्शन, दोनों पुलिस हिरासत में

रेणु अग्रवाल,धार। मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए जरूरी इंजेक्शन रेमडेसिविर की कालाबाजारी थम नहीं रही है. प्रदेश के किसी न किसी जिले से इंजेक्शन की कालाबाजारी की खबरें आती रहती है. इसी कड़ी में मंगलवार को धार जिले की औद्योगिक नगरी पीथमपुर में पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते व्यापारी और एक डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है. इन लोगों ने 24 हजार रुपए में एक इंजेक्शन को बेचने का सौदा किया था.

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आरोपी चंद्रेश जैन पिता ज्ञानचंद्र जैन हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पीथमपुर में हार्डवेयर का व्यापारी

पीथमपुर के सेक्टर वन में पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यापारी रेमडेसिविर इंजेक्शन बाहर से लाकर लोगों को बेच रहा है. सूचना पर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने पीथमपुर के सीएसपी तरूणनेंद्र बघेल को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया. थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह चढ़ार व उनकी टीम के द्वारा व्यापारी की घेराबंदी की गई. उसके पास से दो रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए गए. आरोपी चंद्रेश जैन पिता ज्ञानचंद्र जैन हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पीथमपुर में हार्डवेयर का व्यापारी है.

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दो इंजेक्शन को उसने 46 हजार रुपए में बेचना तय किया था

यहां पर एक इंजेक्शन की कीमत 24 हजार के हिसाब से दो इंजेक्शन को उसने 46 हजार रुपए में बेचना तय किया था. इस इंजेक्शन की कालाबाजारी में पीथमपुर का डॉक्टर नरेंद्र उर्फ आनंद की भी मिलीभगत थी. पुलिस ने रेमडेसिविर बेचने से पहले ही व्यापारी को गिरफ्तार कर लिया. उसके बाद डॉक्टर को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

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