रोहित कश्यप, मुंगेली। जिले के नेवासपुर में 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार का दर्द जानने सोमवार को कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल उसके घर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान मृतका की मां ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि उनकी बेटी के कातिल खुलेआम घूम रहे हैं, उन्हें जेल तक नहीं भेजा गया है। मां ने दुख जताते हुए कहा कि न्याय मिलना तो दूर, परिवार को इस पूरे घटनाक्रम से गहरी पीड़ा हो रही है। अपनी बेटी को खोने का दर्द और न्याय मिलने की बेचैनी बयां करते हुए उनकी आवाज भर्रा गई। इस दौरान कलेक्टर ने डिप्टी सीएम अरुण साव से फोन पर उनकी बात भी कराई, जिसमें मां ने दोषियों को उम्रकैद की सजा दिलाने की मांग की। वहीं कलेक्टर ने परिवार को शासन की पात्र योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने का भरोसा दिया।

‘मेरी बेटी के कातिल खुलेआम घूम रहे हैं, हमें बहुत पीड़ा हो रही है’

कलेक्टर और एसएसपी से बातचीत के दौरान मृतका की मां ने अपनी व्यथा सामने रखी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की हत्या करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें जेल तक नहीं भेजा गया है। बेटी को खोने के बाद परिवार पहले ही गहरे सदमे में है और अब न्याय की प्रतीक्षा ने उनकी पीड़ा और बढ़ा दी है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि न्याय मिलना तो दूर, परिवार को लगातार तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। मां ने दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी बेटी के हत्यारों को उम्रकैद की सजा मिलनी चाहिए। अपनी बात रखते समय वह भावुक हो गईं और उनका गला रुंध गया। एक मां की यह गुहार परिवार की उस पीड़ा को सामने लाती है, जिसमें बेटी को खोने का दुख और न्याय मिलने की उम्मीद दोनों शामिल हैं।

डिप्टी सीएम साव से फोन पर कराई बात, उम्रकैद की सजा की मांग

पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मृतका की मां की डिप्टी सीएम अरुण साव से फोन पर बात कराई। इस बातचीत में मां ने अपनी बेटी की मौत से जुड़ी पीड़ा साझा की और दोषियों को उम्रकैद की सजा दिलाने की मांग रखी। परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और उन्हें कानून के मुताबिक सजा मिले। मां की मांग है कि उनकी बेटी को न्याय मिले, ताकि परिवार को इस असहनीय दुख के बीच न्याय की उम्मीद बनी रहे।

कलेक्टर ने पूछा- पीएम आवास सहित योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं?

पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान कलेक्टर ने मृतका की मां से पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि यदि परिवार किसी पात्र योजना के लाभ से वंचित है, तो संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उसे लाभ दिलाने की पहल की जाएगी।

घटना के बाद परिवार गहरे सदमे से गुजर रहा है। ऐसे में प्रशासन की ओर से योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन राहत की पहल है। हालांकि, परिवार की सबसे बड़ी मांग बेटी की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की है।

न्यायिक रिमांड मामले में अब 28 अक्टूबर को सुनवाई

मामले में न्यायिक रिमांड को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है। इससे पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय ने आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने के लिए प्रस्तुत आवेदन खारिज कर दिया था, जिसमें प्रक्रियागत कमी बताई गई थी। न्यायालय ने विवेचना अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश भी दिए थे।

इसके बाद न्यायिक रिमांड से संबंधित आवेदन DJ (जिला एवं सत्र न्यायालय) में लगाया गया, जिसे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ) में स्थानांतरित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में सुनवाई 26 अक्टूबर को प्रस्तावित थी, लेकिन अब अगली सुनवाई की तारीख 28 अक्टूबर 2026 बताई गई है। ऐसे में अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।

गौरतलब है कि रिमांड आवेदन खारिज होने का अर्थ आरोपियों का दोषमुक्त हो जाना या हत्या का मामला समाप्त हो जाना नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालयीन आदेशों और विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार होगी।

पहले भी ज्ञापन सौंपकर मांगा था न्याय, परिवार की सुरक्षा का मुद्दा भी अहम

इससे पहले पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई, आर्थिक सहायता और परिवार की सुरक्षा की मांग की थी। परिजनों ने न्यायिक रिमांड आवेदन खारिज होने के बाद जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत भी सिटी कोतवाली पुलिस से की थी।

अब कलेक्टर और एसएसपी के पीड़ित परिवार के घर पहुंचने के बाद परिजनों को प्रशासन से न्याय की उम्मीद है। एक ओर मां अपनी बेटी को खोने के गम से जूझ रही है, तो दूसरी ओर वह इस बात से व्यथित है कि उसकी नजर में बेटी के हत्यारों के खिलाफ अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार की मांग स्पष्ट है मामले की निष्पक्ष जांच हो, सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को उम्रकैद सहित कानून के तहत उचित कठोर सजा दिलाई जाए। अब निगाहें 28 अक्टूबर की सुनवाई और प्रशासन-पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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