कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। पुलिस ने एक ऐसे बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, जिसमें बैंक में इस्तेमाल होने वाली सरकारी UIDAI मशीन का इस्तेमाल करके साइबर कैफे में अवैध रूप से आधार कार्ड और जाली पासपोर्ट बनाए जा रहे थे। नगर थाना पुलिस ने मोतीझील इलाके में छापेमारी कर भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्रियां जब्त की हैं और इस खेल से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मोतीझील के कंप्यूटर सेंटर पर पुलिस की रेड
मुजफ्फरपुर पुलिस को लंबे समय से यह गुप्त सूचना मिल रही थी कि मोतीझील स्थित ‘कन्हाई कम्युनिकेशन’ नामक कंप्यूटर सेंटर पर दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी कागजात तैयार किए जा रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर नगर एसडीपीओ-1 सुरेश कुमार के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस ने सेंटर पर अचानक छापेमारी की।
पुलिस ने मौके से दो लैपटॉप, आईरिस स्कैनर, फिंगरप्रिंट स्कैनर, अंगूठे के क्लोन, 8 फर्जी आधार कार्ड और अन्य डिजिटल सामग्रियां जब्त कीं। इस दौरान पुलिस ने 2019 से इस सेंटर पर काम करने वाले मोतिहारी के केसरिया थाना क्षेत्र निवासी साहिल कुमार को धर दबोचा।
पटना के बैंक से चुराए जाते थे ऑपरेटर्स के तार
गहरी पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई कि पटना के बोरिंग कैनाल रोड स्थित यूनियन बैंक में ‘टेम टेक्नोलॉजी’ एजेंसी के पास UIDAI मशीन से आधार बनाने का आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट है। उस बैंक में काम करने वाला ऑपरेटर शिवकुमार पंडित छुट्टी के दिनों में इस गोपनीय मशीन को चुपचाप मुजफ्फरपुर और अन्य साइबर कैफे में ले आता था।
शिवकुमार पंडित मोटी रकम लेकर इस मशीन के जरिए आधार कार्ड में अवैध नाम परिवर्तन और फर्जी दस्तावेज बनाने का काम करवाता था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए छपरा के दरियापुर से शिवकुमार पंडित को भी गिरफ्तार कर लिया है।
बांग्लादेशी कनेक्शन और जाली पासपोर्ट का खुलासा
जांच का दायरा जब आगे बढ़ा तो पुलिस के होश उड़ गए। आरोपियों के मोबाइल और ईमेल की तकनीकी जांच से पता चला कि इस सिंडिकेट के जरिए अवैध रूप से जाली पासपोर्ट भी बनवाए जा रहे थे। जांच के दौरान एक बांग्लादेशी नागरिक का पासपोर्ट भी इस सेंटर के जरिए निर्गत कराए जाने का गंभीर तथ्य सामने आया है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
नगर एसडीपीओ-1 सुरेश कुमार ने बताया कि इस मामले में नगर थाना में दर्ज कर ली गई है। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों साहिल कुमार और शिवकुमार पंडित से पूछताछ कर रही है। यह रैकेट कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका पता लगाने के लिए पुलिस की आगे की जांच जारी है।

