कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। जिले में कानून-व्यवस्था को ताक पर रखकर समाज में फूहड़ता और नफरत फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अब बहुत ही कड़ा रुख अपना लिया है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के स्पष्ट और सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील भोजपुरी गाने बजाने और सोशल मीडिया पर भ्रामक व आपत्तिजनक सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सिलसिले में साइबर थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

  • ​एसएसपी का कड़ा निर्देश: मुजफ्फरपुर जिले में एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के सख्त आदेशों के बाद पुलिस ने अश्लील गानों और आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है।
  • ​दो एफआईआर दर्ज: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर थाने में दो अलग-अलग मुकदमे और कांड दर्ज कर लिए हैं।
  • ​सार्वजनिक वाहनों और आयोजनों पर लगाम: बसों, ट्रकों, ऑटो, रिक्शा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बिना रोक-टोक बजने वाले दोहरे अर्थ वाले गानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
  • ​वाहन और उपकरण जब्ती की चेतावनी: नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों, वाहन मालिकों और साउंड सिस्टम संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ उनके उपकरण जब्त किए जाएंगे।

​सामाजिक गरिमा और युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव

​पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों और वाहनों में बेरोकटोक बजने वाले अश्लील और द्विअर्थी भोजपुरी गानों से न केवल महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा पर गहरी चोट पहुंच रही है, बल्कि बाल मन और युवा पीढ़ी पर भी इसका बेहद खतरनाक मानसिक असर पड़ रहा है। समाज को गलत दिशा में ले जाने वाले इस फूहड़ चलन को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे गानों से सामाजिक ताना-बाना कमजोर होता है और सार्वजनिक शिष्टाचार का हनन होता है।

​साइबर सेल की कड़ी नजर और कानूनी धाराएं

​सोशल मीडिया पर भ्रामक, अश्लील और नफरत फैलाने वाले अकाउंट्स के साथ-साथ बिहार की भाषा, बोली और संस्कृति को जानबूझकर अपमानित करने वाली सामग्री का प्रसार करने वालों पर साइबर थाना पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। क्षेत्रीय समूहों के बीच तनाव पैदा करने और राज्य के लोगों की गरिमा को आहत करने वाले इन तत्वों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा-296 और धारा-79 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह के कृत्यों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।