वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले में जमीन धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में पिछले पांच महीने से फरार चल रहे बिहारशरीफ के पूर्व विधायक नौशादुन नबी उर्फ पप्पू खां की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। पुलिस मुख्यालय, पटना ने उनकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। साथ ही, उनके घर की कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
वेना थाना कांड से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा प्रकरण नालंदा जिले के वेना थाना से संबंधित है। इस बहुचर्चित मामले में पूर्व विधायक के साथ-साथ उनकी पत्नी आफरीन सुल्ताना भी मुख्य नामजद आरोपी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घटना के बाद से ही दोनों पति-पत्नी लगातार कानून की नजरों से बचकर फरार चल रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत फर्जी कागजात तैयार किए गए थे। इसके जरिए किसी अन्य कीमती जमीन को पूर्व विधायक की पत्नी के नाम पर रजिस्ट्री कराने और फिर उस पर बलपूर्वक कब्जा जमाने की कोशिश की गई थी। इस मामले में जालसाजी, धोखाधड़ी और रंगदारी जैसी गंभीर धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई चल रही है। न्यायालय के आदेश पर पहले ही दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जा चुका है।



पूर्व विधायक नौशादुन नबी उर्फ पप्पू खां
अदालतों से नहीं मिली राहत, कुर्की के निर्देश
गिरफ्तारी से बचने के लिए पूर्व विधायक और उनकी पत्नी ने पटना उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। हालांकि, मामला तीन अलग-अलग अदालतों में स्थानांतरित होने के बावजूद इन्हें कहीं से भी राहत नहीं मिल सकी है।
इस बीच, नालंदा के पुलिस अधीक्षक ने फरार चल रहे पूर्व विधायक के घर की जब्ती-कुर्की की प्रक्रिया को अविलंब शुरू करने का सख्त निर्देश दिया है। पुलिस इस मामले में अब न्यायालय के अंतिम आदेश का इंतजार कर रही है ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
पुलिस की विशेष टीमें लगातार दे रही हैं दबिश
वेना थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने जानकारी दी है कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, पूर्व विधायक को गिरफ्तार करवाने या उनके ठिकाने के बारे में सटीक गुप्त सूचना देने वाले मददगार को 25 हजार रुपये की नगद इनामी राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
इससे पहले भी 23 अप्रैल को डीएसपी संजय कुमार जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने पूर्व विधायक के आवास पर औचक छापेमारी की थी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही वह वहां से फरार होने में कामयाब हो गए थे।
फिलहाल, पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के सभी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य दोनों आरोपियों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाना है, ताकि वे न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने या गिरफ्तारी देने के लिए मजबूर हों।


