वीरेंद्र कुमार, नालंदा। छोटी दीपावली की खुशियों के बीच एक टेंट हाउस संचालक पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सोहसराय थाना क्षेत्र के मोगलकुआं स्थित देवी मंदिर के पीछे संजय किरण के पास स्थित मिश्रा टेंट हाउस के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते उसने पूरे गोदाम को अपनी आगोश में ले लिया। इस भयंकर अग्निकांड में लाखों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया।

​छोटी दीपावली की रात मचा हड़कंप

​घटना के दिन पूरा बिहारशरीफ रोशनी और दीपोत्सव की खुशियों में सराबोर था। लोग पर्व का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक मिश्रा टेंट हाउस के गोदाम से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आग की लपटों को देखकर आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। स्थानीय लोगों ने अपनी तरफ से आग पर काबू पाने के लिए तुरंत प्रयास शुरू किए, लेकिन आग की भीषणता इतनी अधिक थी कि उसने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया।

​पीड़ित संचालक का दर्द और भारी नुकसान

​मिश्रा टेंट हाउस के संचालक गुड्डू मिश्रा ने मीडिया को जानकारी दी कि वह पिछले 20 वर्षों से इस टेंट के कारोबार से जुड़े हुए हैं और इसी स्थान पर उनका गोदाम भी है। उन्होंने बताया कि अपने इतने लंबे व्यावसायिक करियर में आज तक ऐसी भीषण दुर्घटना कभी नहीं हुई थी। इस आगजनी की घटना में गोदाम में रखी लगभग 1000 फाइबर कुर्सियां, डेढ़ से दो सौ वीआईपी कुर्सियां, सोफे और 12 से 14 बड़े एयर कूलर समेत अन्य कीमती सामान जलकर पूरी तरह बर्बाद हो गया है। गुड्डू मिश्रा के अनुसार, इस अग्निकांड में उन्हें लगभग 7 से 8 लाख रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने आशंका जताई है कि दीपावली के मौके पर किसी पटाखे की चिंगारी उड़कर गोदाम में आ गिरी होगी, जिससे यह आग लगी। हालांकि, आग लगने के असली और वास्तविक कारणों का अभी तक पूरी तरह खुलासा नहीं हो सका है।

​अग्निशमन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

​इस दुर्घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गईं। स्थानीय ग्रामीण निरंजन कुमार ने अग्निशमन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सूचना मिलने के बाद भी दमकल की गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में करीब 30 से 40 मिनट की देरी हुई। दूसरी तरफ, अनुमंडल अग्निशामक पदाधिकारी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि विभाग को जैसे ही घटना की सूचना मिली, उनकी टीम ने बिना एक पल गंवाए तत्काल घटनास्थल के लिए प्रस्थान किया और आग बुझाने का काम शुरू किया। विभाग की तरफ से राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की देरी नहीं की गई थी।

​जांच के बाद खुलेगा राज

​फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि आखिर छोटी दीपावली की रात इस गोदाम में आग लगने की असली वजह क्या थी? क्या वाकई आसमान से आई किसी पटाखे की चिंगारी इस बड़े अग्निकांड का कारण बनी या फिर इसके पीछे कोई और तकनीकी या मानवीय कारण छिपा हुआ है? इन तमाम सवालों के सटीक जवाब पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।