वीरेंद्र कुमार, राजगीर, नालंदा। जिले के राजगीर थाना क्षेत्र के धमार गांव में शौच के लिए घर से बाहर गई एक 7 वर्षीय बच्ची की नहर में डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है।

​कैसे हुआ हादसा?

​मृतका की पहचान धमार गांव निवासी उमेश पंडित की 7 वर्षीय बेटी मंगली कुमारी के रूप में हुई है, जो गांव के ही आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ाई करती थी। परिजनों के मुताबिक, मंगली घर के पास ही खेत की तरफ शौच के लिए गई थी। शौच के बाद वह पास में बह रही नहर के पास पानी छूने चली गई। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरी।

​ग्रामीणों ने निकाला शव

​घटना के वक्त आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया, जिससे ग्रामीण और परिजन मौके पर दौड़ पड़े। कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची के शव को नहर से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही राजगीर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया।

​पोस्टमार्टम में देरी पर फूटा परिजनों का गुस्सा

​अस्पताल पहुंचे परिजनों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि वे रात करीब 8 बजे ही शव के साथ अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन सुबह के 7:30 बजे तक पोस्टमार्टम नहीं किया गया। उन्होंने पोस्टमार्टम कर्मी रौशन कुमार पर समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। एक परिजन ने कहा कि पहले ही घर में इतना बड़ा दुख टूट पड़ा है, ऊपर से न्याय और प्रक्रिया के लिए रातभर दर-दर भटकना पड़ा।

​पुलिस और प्रशासन का पक्ष

​राजगीर थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस बल को भेजकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि पोस्टमार्टम में देरी के आरोपों पर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष आना अभी बाकी है।