पटना। बिहार में अगला पंचायत चुनाव परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कराया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित ग्राम संसद-बिहार चैप्टर के मुखिया संवाद कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। इसके पूरा होने के बाद पंचायतों का नया स्वरूप तय किया जाएगा और फिर चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी 2026 के पंचायत परिसीमन से जुड़े नोटिफिकेशन जारी हैं।
इतने आबादी पर एक पंचायत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार करीब 7,500 की आबादी पर एक पंचायत बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए पंचायतों की सीमाओं और संरचना में बदलाव हो सकता है। परिसीमन के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों को किस पंचायत में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगले साल शहरी स्थानीय निकायों का परिसीमन भी कराया जाएगा, ताकि पंचायत और नगर निकाय क्षेत्रों की सीमाएं स्पष्ट रूप से तय हो सकें। पंचायत चुनाव की तारीख को लेकर मुख्यमंत्री ने कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई है। फिलहाल चुनाव से पहले परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी बताया गया है।
गांवों में विकास पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास में मुखिया और तीनों स्तर के पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका है। सरकार का जोर गांवों में बुनियादी सुविधाओं और विकास योजनाओं को गति देने पर है।
मुख्यमंत्री ने पंचायतों को तकनीकी मदद देने के लिए पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल विकसित करने की बात भी कही। इससे मुखिया को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहायता मिलने की व्यवस्था की जाएगी।
जानें कितना खर्च करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने गांवों में विकास कार्यों के लिए एक लाख करोड़ रुपए खर्च करने की बात भी कही। उन्होंने मुखिया की भूमिका को गांव के विकास में महत्वपूर्ण बताते हुए पंचायत स्तर पर संसाधनों को मजबूत करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद अब पंचायत चुनाव की प्रक्रिया परिसीमन के अगले चरणों पर निर्भर रहेगी। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के परिसीमन से संबंधित अधिसूचनाएं जारी की जा रही हैं।



