बेतिया। बिहार के नरकटियागंज प्रखंड अंतर्गत तुमकड़िया गांव में बिजली विभाग की एक कठोर कार्रवाई ने ग्रामीणों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले चार दिनों से पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे लगभग 250 घरों के हजारों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी की आहट के बीच बिजली न होने से जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
कार्रवाई के दौरान हुआ था हंगामा
मामले की शुरुआत 23 मार्च को हुई, जब नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अधिकारी और कर्मचारी गांव पहुंचे थे। विभाग का कहना है कि गांव में बड़े पैमाने पर बिल बकाया है। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और बिजली कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद विभाग ने मुख्य पोल से ही पूरे गांव का कनेक्शन काट दिया।
शिक्षा और रोजगार पर पड़ा गहरा असर
बिजली गुल होने का सबसे बुरा असर छात्रों और स्थानीय स्वरोजगार पर पड़ा है। परीक्षाओं के समय में छात्र पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री एफएमई योजना के तहत गांव में संचालित दो लघु उद्योग रोशनी एंटरप्राइजेज और ज्योति फैब्रिकेशन पूरी तरह बंद हो गए हैं। इन इकाइयों के बंद होने से संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
ग्रामीणों का दर्द: बिना गलती की सजा
ग्रामीणों का तर्क है कि गांव के केवल 30 उपभोक्ताओं का बिल बकाया है, लेकिन सजा पूरे गांव को दी जा रही है। एक पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब वह अपना बिल जमा करने कार्यालय गया, तो उसे तुमकड़िया निवासी होने के कारण लौटा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जिन्होंने बिल भरा है, उनके साथ यह अन्याय है।
प्रशासनिक रुख और आश्वासन
विद्युत सहायक अभियंता सुचित कुमार के अनुसार, गांव के लगभग 60 प्रतिशत उपभोक्ताओं पर बकाया है, जिसके कारण यह कदम उठाना पड़ा। दूसरी ओर, एसडीएम अभिजीत कुमार गोविन्दा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं और जल्द ही समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
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