वीरेंद्र कुमार/ नालंदा। यदि आप कोर्ट-कचहरी के चक्करों से परेशान हैं और अपने लंबित मामलों का स्थायी समाधान चाहते हैं, तो 14 मार्च की तारीख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस दिन आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में हजारों मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा।
तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक
लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने अपनी कमर कस ली है। इसी सिलसिले में बिहार शरीफ व्यवहार न्यायालय परिसर में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राष्ट्रीयकृत बैंकों के पदाधिकारियों के साथ गहन चर्चा की गई, जिसमें अधिक से अधिक पक्षकारों को नोटिस भेजने और आपसी सहमति से मामलों को सुलझाने की रणनीति तैयार की गई।
कम समय और शून्य खर्च में न्याय
प्राधिकार के सचिव सह सब जज राजेश कुमार गौरव ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य सुलह योग्य मामलों का त्वरित निष्पादन करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था से आम जनता को न केवल कम समय में न्याय मिलता है, बल्कि कानूनी खर्च का बोझ भी खत्म हो जाता है।
स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका
इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी न्यायालयों में परावैधिक स्वयंसेवकों (PLVs) की प्रतिनियुक्ति की गई है। ये स्वयंसेवक पक्षकारों को जागरूक करने और नोटिस पहुंचाने की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं ताकि कोई भी व्यक्ति इस अवसर से वंचित न रहे।
आम जनता से अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे 14 मार्च को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस सरल और सुलभ न्याय व्यवस्था का लाभ उठाएं। यह अपने विवादों को हमेशा के लिए समाप्त करने का एक सुनहरा अवसर है।
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