Rajasthan news: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को डिस्टर्ब एरिया प्रोटेक्शन बिल ध्वनि मत से पारित हो गया है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस ने इस कदम को ध्रुवीकरण का जरिया बताते हुए सत्ता में आने पर इस बिल को वापस लेने का बड़ा ऐलान कर दिया है।

विधानसभा में बिल पारित होते ही कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई। पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे पर्ची से लाया गया बिल करार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कांग्रेस सत्ता में आती है, तो वह इस कानून को पूरी तरह निरस्त कर देगी। डोटासरा ने सवाल उठाया कि किसी भी क्षेत्र को अशांत घोषित करने के पीछे सरकार की नीयत क्या है और क्या इसके माध्यम से जमीनों की खरीद-फरोख्त पर अवैध नियंत्रण की कोशिश की जा रही है?
इस विवाद पर पलटवार करते हुए तिजारा के विधायक बाबा बालकनाथ ने कहा कि कांग्रेस की सोच हमेशा से ही नकारात्मक रही है। उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा और डेमोग्राफिक बदलाव का हवाला देते हुए कहा कि कई बार एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत किसी खास जगह पर लोगों की संख्या बढ़ाई जाती है।
उन्होंने दावा किया कि इसके बाद स्थानीय परिवारों का पलायन शुरू हो जाता है और बहू-बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। भाजपा नेताओं का तर्क है कि जो दल तीन तलाक जैसे मानवीय मुद्दे पर मुस्लिम महिलाओं का समर्थन करने से पीछे हट गया, वह इस बिल पर राजनीति करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रखता।
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