भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने ‘कॉकरोच’ संबंधी अपनी कथित टिप्पणी को लेकर एक बार फिर सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुनवाई के दौरान की गई उनकी मौखिक टिप्पणी को गलत तरीके से उद्धृत किया गया और बाद में उसका इस्तेमाल युवाओं को गुमराह करने के लिए किया गया।

‘कॉकरोच’ टिप्पणी पर CJI सूर्यकांत की सफाई

डीडी न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में CJI सूर्यकांत ने कहा कि उनकी टिप्पणी को न केवल गलत तरीके से समझा गया, बल्कि उसका संदर्भ से हटकर इस्तेमाल भी किया गया। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “मेरी टिप्पणी को न सिर्फ गलत तरीके से लिया गया, बल्कि उसका गलत तरीके से इस्तेमाल भी किया गया। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।”

‘कॉकरोच पार्टी’ के संदर्भ में आया था मामला

मुख्य न्यायाधीश की यह प्रतिक्रिया उस विवाद के संदर्भ में आई, जिसमें ‘कॉकरोच पार्टी’ बनाए जाने की बात सामने आई थी। CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि अदालत में सुनवाई के दौरान कही गई मौखिक बात को जिस तरह से पेश किया गया, वह उनके वास्तविक आशय से अलग था। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि अदालत की कार्यवाही के दौरान की गई टिप्पणी को संदर्भ से अलग करके सार्वजनिक विमर्श में इस्तेमाल किया गया।

युवाओं को गुमराह करने का लगाया आरोप

CJI सूर्यकांत ने कहा कि गलत तरीके से उद्धृत की गई टिप्पणी का बाद में इस्तेमाल देश के युवाओं को बरगलाने के लिए किया गया। उन्होंने इस तरह की व्याख्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि न्यायिक कार्यवाही में कही गई मौखिक टिप्पणियों को उनके पूरे संदर्भ में समझना जरूरी है।

क्यों अहम है CJI की सफाई?

मुख्य न्यायाधीश की यह सफाई ऐसे समय आई है जब न्यायपालिका से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर तेजी से बहस होती है। CJI का कहना है कि किसी भी मौखिक टिप्पणी को संदर्भ से अलग करके पेश करने से उसके वास्तविक अर्थ को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है।

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