Odisha Desk, मयूरभंज: ओडिशा के मयूरभंज जिले में लगातार बारिश और ऊपरी इलाकों से आए बाढ़ के पानी के कारण बूढ़ाबलंग नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी से बेतनटी ब्लॉक के तटीय इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। बेतनटी की लगभग 16 पंचायतें बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, हुडहुड और फाइलीन चक्रवात के बाद बूढ़ाबलंग नदी में ऐसा भयानक उफान देखने को मिल रहा है। नदी का उग्र रूप देखकर तटीय इलाकों के लोगों में दहशत का माहौल है।
रात के समय नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और सुबह होते-होते बाढ़ का पानी रिहाइशी इलाकों और खेतों में घुस गया। बाढ़ के कारण किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जिससे भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ का सबसे विकराल रूप नाखरा पुल के पास देखने को मिला। जर्जर और पुराने नाखरा पुल के ऊपर से लगभग 3 फीट ऊंचा बाढ़ का पानी बह रहा है।
पुल पर पानी आने के कारण व्यस्त वैशिंगा-माणत्री-उदला मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। स्थानीय विधायक, मयूरभंज के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (SP) ने रात भर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने ट्रैक्टर पर सवार होकर खतरनाक नाखरा पुल और बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ राहत सामग्री और खाद्य सामग्री वितरित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि, यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है, तो स्थिति और बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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