नक्सलियों ने अंडे के साथ आश्रमों में मांसाहार भोजन देने की मांग, पर्चा जारी कर दशहरा और भाजपा के आदिवासी नेताओं का विरोध करने का किया जिक्र

पंकज सिंह भदौरिया,दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में स्कूल मध्याह्न भोजन में बच्चों को अंडा वितरण, कबीरपंथियों और भाजपा के विरोध से मचे सियासी घमासान के बाद अब नक्सलियों ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है.

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने मध्यान भोजन के साथ आश्रम- छात्रावासों में अंडे के साथ रोजाना मांसाहार भोजन देने की बात कही है. भाजपा का मध्यान भोजन में अंडा देने के विरोध को गलत बताया है. इसके साथ ही दशहरा पर्व में रावण दहन प्रथा का विरोध करने और भाजपा सहित संघ व उनमें जुड़े आदिवासी नेताओं का विरोध करने की बात कही है.

क्या लिखा है पर्चे में नक्सलियों ने…

भाजपा द्वारा मध्याह्न भोजन में अंडा खिलाने का विरोध-ब्राह्मणीय हिंदु कट्टरपंथी विचारधारा का नतीजा है! मध्याह्न भोजन में ही नहीं, तमाम आश्रम-छात्रावासों में अंडा सहित मांसाहार नियमित रूप से देने की मांग करो!

आश्रम-छात्रावासों में अंडा व मांसाहार न देना आदिवासी, दलित व मुसलमान बच्चियों-बच्चों के शारीरिक व दिमागी विकास को बाधित करने की साजिश है! ब्राह्मणीय हिंदुत्व कट्टरपंथी विचारों का कड़ा विरोध करो.

दशहरा में रावणदहन का विरोध करो! आदिवासी संस्कृति के प्रगतिशील – जनवादी विचारों को ऊंचा उठाओ! भाजपा सहित संघ परिवार के सभी संगठनों व उनमें मौजूद आदिवासी नेताओं का बहिष्कार करो!

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

बता दें कि स्कूली छात्रों में कुपोषण की लड़ाई के खिलाफ छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की तरफ से मिड डे मील में अंडे दिए जाने की योजना बनाई गई. जिसके तहत बच्चों को अंडा परोसा जा रहा है. लेकिन इस योजना को लागू करने से पहले कबीरपंथियों ने इसका जमकर विरोध किया था. जिसका भाजपा ने भी समर्थन किया था. भाजपा ने कहा था कि इस कदम से शाकाहारी बच्चों को जबरन अंडे खाने पड़ेंगे. हालांकि इसमें सरकार ने यह कहा था कि जो खाना चाहते है अंडा सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए हैं.

आपको ये भी बता दें कि 2015 में छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार ने मिड डे मील के मैन्यू से यह कहते हुए अंडे को हटा दिया था कि इससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचती है.

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