हेमंत शर्मा, इंदौर। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता और सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से राय रखने वाली नाजिया इलाही खान अपने हालिया बयानों और फैसलों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इंदौर प्रवास के दौरान नाजिया इलाही खान ने आगामी सर्वपितृ अमावस्या पर महाकाल की नगरी उज्जैन में अपने दिवंगत पूर्वजों के लिए विधि-विधान से श्राद्ध और तर्पण करने का बड़ा ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने गोमूत्र के सेवन और नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों को लेकर भी तीखे बयान दिए हैं, जिससे सामाजिक और धार्मिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
10 अक्टूबर को उज्जैन में करेंगी तर्पण
हिंदू परंपराओं के अनुसार 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ श्राद्ध पक्ष का समापन हो रहा है। इस मौके पर उज्जैन में एक अनोखा दृश्य देखने को मिलेगा, जब एक मुस्लिम महिला अपने पितरों की शांति के लिए श्राद्ध कर्म करेंगी। नाजिया इलाही खान ने बताया कि पिछले कई वर्षों से उनके मन में अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की इच्छा थी, जिसे वे इस बार मध्य प्रदेश की पावन धरती उज्जैन में पूरा करने जा रही हैं। मुगल शासक औरंगजेब का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे जिस मजहबी पृष्ठभूमि से आती हैं, वहां से परे हटकर वे समाज में मानवीयता की एक नई किरण दिखाना चाहती हैं।
‘मुसलमानों को पीना चाहिए गोमूत्र, सेहत रहती है अच्छी’
गोमूत्र को लेकर दिए गए अपने बयान में नाजिया ने दावा किया कि वे खुद नियमित रूप से गोमूत्र का सेवन करती हैं और इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को भी गोमूत्र पीना चाहिए। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि गोमूत्र का सेवन करने और सनातन परंपराओं का समर्थन करने के कारण उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही हैं, यहां तक कि पाकिस्तान से भी उन्हें धमकियाँ दी गईं और समुदाय से बाहर करने की बातें कही गईं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इन धमकियों से डरने वाली नहीं हैं और जो उन्हें सही लगता है, वही करेंगी।
‘गरबा में मुस्लिम लड़कों का क्या काम?’
नवरात्रि और गरबा आयोजनों को लेकर नाजिया इलाही खान ने सवाल उठाते हुए कहा कि गरबा मां की आराधना का पवित्र पर्व है, ऐसे में वहां मुस्लिम लड़कों का क्या काम है? उन्होंने आरोप लगाया कि गरबा आयोजनों के जरिए हिंदू बेटियों को निशाना बनाने और लव जिहाद को बढ़ावा देने की कोशिश की जाती है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे आयोजनों को भटकाने के लिए सरहद पार से भी साजिशें रची जाती हैं। नाजिया ने हिंदू संगठनों, युवाओं और गरबा आयोजकों से अपील की है कि आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और पहचान पत्रों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाए।
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