Lalluram Entertainment Desk. दिग्गज अभिनेत्री नीतू कपूर ने अपने पति ऋषि कपूर के साथ शादीशुदा ज़िंदगी के 40 साल बिताए. इसलिए जब 2020 में कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद ऋषि कपूर का निधन हुआ, तो उन्हें अपने दुख से उबरने में थोड़ा समय लगा. इस दौरान रात में नींद नहीं आने पर उन्होंने शराब पीना शुरू कर दिया था.
सोहा अली खान के साथ हाल ही में हुई एक बातचीत में नीतू कपूर ने बताया कि ऋषि के निधन के कुछ ही समय बाद, उन्हें थेरेपी लेने की सलाह दी गई थी. हालांकि, उन्होंने थेरेपी शुरू भी की, लेकिन उन्हें इसमें कोई खास फायदा नज़र नहीं आया. नीतू ने यह भी बताया कि चूंकि उन्हें नींद नहीं आती थी, इसलिए उन्होंने शराब पीना शुरू कर दिया था और उन्हें सोने के लिए शराब पीने की आदत पड़ने लगी थी. जिस पल उन्हें अपनी इस आदत का एहसास हुआ, उन्होंने तुरंत शराब पीना बंद कर दिया और अपने डॉक्टर से मदद मांगी.
नीतू ने ऋषि के निधन के बाद के समय को याद करते हुए कहा, “जब ऋषि कपूर का निधन हुआ, तो लोगों ने मुझसे कहा कि मुझे किसी थेरेपिस्ट के पास जाना चाहिए. मैं उस समय बहुत ज़्यादा दुखी और परेशान थी. मैंने एक थेरेपिस्ट से बात भी की, लेकिन मुझे लगा कि ‘मैं आखिर कर क्या रही हूँ? जब तक मैं खुद अंदर से मज़बूत नहीं हो जाती, तब तक कोई थेरेपिस्ट मेरी क्या मदद कर सकता है? वे मुझसे ध्यान (meditation) करने या इधर-उधर की दूसरी चीज़ें करने के लिए कहेंगे. यह सब बिल्कुल बेकार की बातें हैं.”
सेट पर बहुत ज़्यादा घबराई हुई थीं नीतू कपूर
नीतू कपूर ने बताया कि उस मुश्किल दौर में, उन्होंने खुद को पूरी तरह से अपने काम में डुबो दिया और दोबारा फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा, “तो मैंने बस यही किया कि मैंने काम करना शुरू कर दिया. ऋषि के निधन के बाद मैंने ‘जुग जुग जीयो’ फिल्म की, मैं ‘इंडियन आइडल’ में भी गई, ताकि मैं अपना खोया हुआ आत्मविश्वास वापस पा सकूँ.”
उन्होंने उस समय लोगों की तरफ से की जा रही आलोचनाओं को भी याद करते हुए कहा, “मैं उस समय बहुत ही बुरे दौर से गुज़र रही थी, और यह बात मुझे बहुत ज़्यादा दुख पहुँचाती थी जब लोग कहते थे कि ‘अभी तो उनके पति का निधन हुआ है, और यह तुरंत ही एक्टिंग करने लग गई.’ यह सब सुनना बहुत ही बुरा लगता था, लेकिन लोगों को यह नहीं पता था कि मैंने ऐसा क्यों किया था.”
नीतू ने बताया कि कैसे फिल्म निर्माता करण जौहर ने उन्हें ‘जुग जुग जीयो’ फिल्म का हिस्सा बनने का प्रस्ताव दिया था. हालांकि उन्होंने इस मौके को तुरंत लपक लिया था, लेकिन जब भी उन्हें कैमरे का सामना करना पड़ता था, तो वह डर के मारे कांपने लगती थीं.
उन्होंने कहा, “जब मैं ‘जुग जुग जियो’ कर रही थी, तो मैं बहुत ज़्यादा घबराई हुई थी. हर शॉट से पहले, मैं कांपने लगती थी. मैंने अपनी ज़िंदगी में करीब 70-80 फिल्में की हैं, लेकिन अब मुझमें वो ताक़त नहीं रही थी. सेट पर अकेले जाना, अपने पति के बिना—मेरे साथ कोई नहीं था. इसलिए यह बहुत ज़्यादा घबराहट भरा था, लेकिन मैंने ऐसा किया, और इससे मुझे मदद मिली. मैं बाहर निकली, मैंने कुछ शो किए, और इससे मैं बहुत ज़्यादा मज़बूत बन गई,” नीतू ने कहा कि अब उन्हें पैसे या शोहरत की चाह नहीं है, बल्कि वह खुद को व्यस्त रखने के लिए फिल्में करती रहती हैं.
‘मैं बिना शराब पिए सो नहीं पाती थी’
ऋषि कपूर का निधन अप्रैल 2020 में हुआ था, जब महामारी की पहली लहर के दौरान लॉकडाउन लगा हुआ था. नीतू कपूर ने याद करते हुए बताया कि शुरुआती कुछ हफ़्तों में वह बिल्कुल सो नहीं पाती थीं. और तभी उन्होंने इस मुश्किल से निपटने के लिए शराब का सहारा लेना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा, “जब उनका निधन हुआ, तो एक महीने या शायद 2-3 महीनों तक मैं बिल्कुल सो नहीं पाई, और मैंने शराब पीना शुरू कर दिया. मैं शराब पीती थी, और फिर बिना शराब पिए सो ही नहीं पाती थी,”
नीतू ने बताया कि अपनी ज़िंदगी के उस मोड़ तक वह जिस तरह की सेहत के प्रति जागरूक जीवनशैली अपनाती आई थीं, उसकी वजह से उन्हें “खुद का यह रूप बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा था.” उन्होंने कहा, “मुझे घर के अंदर रहने से डर लगता था. मैं बस अपने दिमाग को सुन्न करके सो जाना चाहती थी. मुझे खुद से ही नफ़रत होने लगी थी.” नीतू ने याद करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी डॉक्टर को फ़ोन किया और मदद मांगी, क्योंकि उन्हें पता था कि यह सब ठीक नहीं है.
उन्होंने बताया, “मैंने अपनी डॉक्टर को फ़ोन किया और कहा, ‘मेरे साथ यह सब हो रहा है. मुझे मदद चाहिए. मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा. मैं ऐसी नहीं हूं. मैं अपनी सेहत को लेकर बहुत ज़्यादा जागरूक रहती हूं. मुझे कसरत करना पसंद है,’”
साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी डॉक्टर ने एक ऐसा प्लान बनाया, जिसके तहत नीतू को हर रात एक इंजेक्शन के ज़रिए नींद की दवा दी जानी थी. उन्होंने कहा, “तो मेरी डॉक्टर आती थीं, मुझे इंजेक्शन लगाती थीं, मुझे सुलाती थीं, और तब तक वहीं बैठी रहती थीं, जब तक मैं सो नहीं जाती थी,” नीतू ने बताया कि यह सिलसिला 10 दिनों तक चला, जिसके बाद उन्होंने अपने डॉक्टर से इसे रोकने के लिए कहा. उन्होंने कहा, “अब मैं ठीक हूँ. मुझे नहीं लगता कि मुझे इसकी ज़रूरत है और अब मैं आगे बढ़ सकती हूँ—और बस बात वहीं खत्म हो गई.”
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