कुंडली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान-कुंडली (निफ्टेम-के) के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर प्रधानमंत्री का जन्मदिवस मनाया। इस अवसर पर संस्थान ने पर्यावरण संरक्षण तथा हरित, स्वच्छ एवं सतत भविष्य के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय महत्व का संस्थान निफ्टेम-के अपने परिसर में पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के कुशल उपयोग से जुड़ी अनेक पहल संचालित कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए संस्थान ने अक्षय ऊर्जा, जल संरक्षण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, सतत खाद्य प्रसंस्करण और व्यापक पौधारोपण को अपनी संस्थागत कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
निफ्टेम-के परिसर में स्थापित सौर विद्युत उत्पादन प्रणाली स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से परिसर की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान दे रही है। संस्थान ने खाद्य प्रसंस्करण में सौर ऊर्जा के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सौर शुष्कन तकनीक भी अपनाई है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा-कुशल खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने में सहायता मिल रही है।
जल संरक्षण के क्षेत्र में परिसर में वर्षा जल संचयन और ड्रिप सिंचाई प्रणाली लागू की गई है। ड्रिप सिंचाई के माध्यम से पेड़-पौधों तक आवश्यकतानुसार सीधे जल पहुंचाया जाता है, जिससे पानी की बर्बादी कम होती है और परिसर के विस्तृत हरित क्षेत्र का कुशल रखरखाव सुनिश्चित होता है।
संस्थान वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन और स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। विभिन्न श्रेणियों के कचरे का पृथक्करण उनके उचित संग्रह, उपचार और पुनः उपयोग को सुविधाजनक बनाता है।
सर्कुलर इकोनॉमी और सतत खाद्य प्रसंस्करण की दिशा में निफ्टेम-के खाद्य अपशिष्ट एवं उप-उत्पादों के उपयोग पर अनुसंधान और नवाचार को भी प्रोत्साहित कर रहा है। ऐसी ही एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत खाद्य अपशिष्ट से बायोडिग्रेडेबल फिल्म विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह तकनीक अपशिष्ट पदार्थों को पर्यावरण-अनुकूल और मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित करने का अभिनव मार्ग प्रस्तुत करती है।
निफ्टेम-के परिसर में 10 हजार से अधिक पेड़-पौधे लगाए गए हैं। परिसर का स्वच्छ और हरित वातावरण न केवल पर्यावरणीय गुणवत्ता को बेहतर बनाता है, बल्कि विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, उद्यमियों और आगंतुकों के लिए सतत जीवनशैली एवं जिम्मेदार संस्थागत प्रबंधन का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
संस्थान के पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रयासों को बाहरी स्तर पर भी पहचान मिली है। निफ्टेम-के को हाल ही में ग्रीन यूनिवर्सिटी रैंकिंग में सिल्वर रेटिंग प्रदान की गई है। यह सम्मान पर्यावरणीय स्थिरता, संसाधन संरक्षण और हरित परिसर के विकास के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करता है।
इस अवसर पर निफ्टेम-के के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने कहा कि संस्थान में सतत विकास को केवल परिसर प्रबंधन के उद्देश्य के रूप में नहीं, बल्कि खाद्य प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमशीलता के अभिन्न अंग के रूप में देखा जा रहा है।
संस्थान अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों, अनुसंधान गतिविधियों, पायलट सुविधाओं और प्रौद्योगिकी विकास के माध्यम से संसाधनों के कुशल उपयोग तथा पर्यावरण की दृष्टि से जिम्मेदार खाद्य प्रसंस्करण समाधानों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति के संरक्षण को मातृ सम्मान से जोड़ने वाली एक प्रेरणादायी पहल है। प्रत्येक नागरिक द्वारा लगाया गया एक पौधा पर्यावरण संरक्षण, आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भव.
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