नूंह।हरियाणा के नूंह जिले के सहसोला पाटूका गांव में ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की टनल का एक बड़ा हिस्सा धंसने के 24 घंटे बाद भी अभी तक आधिकारिक जांच के आदेश नहीं दिए गए हैं। केएमपी एक्सप्रेसवे के समानांतर अरावली पहाड़ी के पास 2.6 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है, जिसका लगभग 300 मीटर से अधिक हिस्सा शनिवार देर शाम अचानक धंस गया। हादसे के बाद मौके पर 50 फुट से ज्यादा गहरा और करीब 200 फुट चौड़ा गड्ढा बन गया है। गनीमत यह रही कि इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग के चलते काम पहले ही बंद था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
एचओआरसी और प्रशासन का निरीक्षण
रविवार को हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉर्पोरेशन (एचओआरसी) के डायरेक्टर नरेंद्र चुंबर अपनी एक्सपर्ट टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एचओआरसी का दावा है कि टनल का 300 मीटर हिस्सा धंसा है, जबकि मौके पर यह दायरा 500 मीटर से अधिक नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मिट्टी की जटिल प्रकृति के कारण यह हादसा हुआ है। मलबा स्थिर होने के बाद एक्सपर्ट टीम सुरंग के अंदर जाकर असली कारणों का पता लगाएगी। डीसी अखिल पिलानी ने भी प्रशासनिक कमेटी बनाकर जांच करने की बात कही है।
टनल के पास से गुजर रही थी गेल की गैस लाइन
इस बड़े हादसे के दौरान एक और बड़ा खतरा टल गया। धंसाव वाले स्थान के ठीक पास से गेल (GAIL) की गैस लाइन गुजर रही है, जो टनल के धंसने के बाद बाहर दिखाई देने लगी। हालांकि, गनीमत यह रही कि गैस पाइपलाइन लीक नहीं हुई। घटना की सूचना मिलते ही गैस अथॉरिटी के विशेषज्ञ तुरंत मौके पर पहुंचे और सुरक्षा संबंधी काम शुरू कर दिया। एहतियात के तौर पर मस्जिद से ऐलान करवाया गया कि कोई भी ग्रामीण हादसे वाली जगह के पास न जाए। रेल विकास निगम (आरवीएन) की देखरेख में चल रहे इस निर्माण कार्य को फिलहाल पूरी तरह रोक दिया गया है।
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