हिसार। ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन के बैनर तले विभिन्न ओबीसी संगठनों ने अपने संवैधानिक हक-अधिकारों की रक्षा और लगातार हो रही उपेक्षा के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है। रविवार को हिसार स्थित विश्वकर्मा धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता में ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन के राष्ट्रीय कानूनी सलाहकार एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने ओबीसी आरक्षण के साथ सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक तथा राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
जातिगत जनगणना में सामाजिक-आर्थिक आंकड़े दर्ज करने की मांग
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि देश में प्रस्तावित जातिगत जनगणना केवल जातियों की संख्या गिनने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस जनगणना में ओबीसी समाज की शिक्षा, रोजगार, आर्थिक स्थिति, सांस्कृतिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े विस्तृत आंकड़े भी अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं, ताकि सही मायनों में कल्याणकारी नीतियां बनाई जा सकें।
उन्होंने घोषणा की कि ओबीसी समाज को एकजुट करने और आरक्षण जैसी संवैधानिक मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने तथा उन्हें लागू कराने के लिए आगामी 15 नवंबर को हिसार में एक विशाल महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें मुख्य अतिथि आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एवं फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जस्टिस वी. ईश्वरैया होंगे।
महासम्मेलन में प्रदेशभर से प्रतिनिधियों के पहुंचने की बात
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त पूर्व आईएएस आर.एस. वर्मा मौजूद रहे, जबकि अध्यक्षता विश्वकर्मा धर्मशाला के प्रधान उदय सिंह जांगड़ा ने की।
इस दौरान फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रामनिवास वर्मा, प्रदेश महासचिव रामफल वर्मा, कोषाध्यक्ष नीरज कुमार, हिसार जिलाध्यक्ष संजय प्रजापति, सुरेंद्र सैनी सातरोड़, नरेश सेलपाड़, डॉ. कुलवंत जांगड़ा, भजनलाल कुम्हार महासभा, अजीत सिंह यादव पूर्व अध्यक्ष यादव महासभा, भारत सोनी सवर्णकार सभा, मुकेश सैनी, धर्मपाल तंवर, रामतीर्थ सुथार पूर्व अध्यक्ष विश्वकर्मा धर्मशाला, सीताराम यादव पूर्व अध्यक्ष, आजाद सिंह यादव महासचिव यादव सभा हिसार, शेरसिंह पूर्व अध्यक्ष कुम्हार महासभा, दीपक गंगवा महासचिव, रामचन्द्र, टाक, दिलबाग, सुमित सैनी, श्रीकृष्ण, प्रताप सिंह जांगड़ा, बनी सिंह जांगड़ा, स्वामी चन्द्रदेव, साध्वी सुजाता, दीपक हांसी, एडवोकेट बजरंग इंदल, कैलाश वर्मा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद रहे।
आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व और अलग मंत्रालय की मांग
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने मांग की कि ओबीसी समाज को उनकी आबादी के अनुपात में सरकारी योजनाओं, बजट और सेवाओं में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से हिस्सेदारी मिले। इसके पारदर्शी संचालन के लिए केंद्र स्तर पर एक पृथक ‘केंद्रीय ओबीसी मंत्रालय’ गठित किया जाए और केंद्र सरकार के सभी विभागों में पिछड़े वर्गों के खाली पड़े बैकलॉग पदों को तुरंत भरा जाए।
निजी क्षेत्र में आरक्षण और 50 प्रतिशत सीमा पर पुनर्विचार की मांग
फेडरेशन ने कहा कि आज के दौर में रोजगार के बड़े अवसर निजी क्षेत्र में पैदा हो रहे हैं, इसलिए वहां भी पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण लागू होना चाहिए। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई 50 प्रतिशत आरक्षण की ऊपरी सीमा पर पुनर्विचार करने और इस पर देशभर में व्यापक संवैधानिक व सामाजिक विमर्श शुरू करने की मांग उठाई गई।
ओबीसी महिलाओं के लिए अलग कोटे की मांग
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ यानी महिला आरक्षण कानून का उल्लेख करते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि महिलाओं के लिए प्रस्तावित 33 प्रतिशत राजनीतिक प्रतिनिधित्व के भीतर ही ओबीसी वर्ग की महिलाओं की अलग हिस्सेदारी तय करने का स्पष्ट संवैधानिक प्रावधान होना चाहिए।
समान शिक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
प्रेस वार्ता में मांग रखी गई कि देश के सभी बच्चों के लिए एक समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था लागू की जाए और निर्धारित आय सीमा से नीचे आने वाले परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। साथ ही रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक कर उस पर अमल करने की मांग की गई।
आरक्षित वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों के लिए मेरिट का मुद्दा उठाया
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि यदि आरक्षित वर्ग ओबीसी, एससी और एसटी का मेधावी अभ्यर्थी अपनी योग्यता से सामान्य कट-ऑफ से अधिक अंक लाता है तो उसे उसकी मेरिट के आधार पर सामान्य सीट पर ही समायोजित किया जाना चाहिए, ताकि आरक्षित कोटे की सीटें प्रभावित न हों।
इसके साथ ही पदोन्नति में आरक्षण और स्थानीय निकायों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व को सख्ती से लागू करने की मांग भी की गई।
15 नवंबर का सम्मेलन अहम बताया
एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने अंत में कहा कि 15 नवंबर का हिसार सम्मेलन ओबीसी समाज के अधिकारों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जिसमें प्रदेशभर से हजारों प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


