लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर असमंजस बना हुआ है. हाईकोर्ट ने तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का आदेश दिया है. वहीं, पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों में प्रशासक के तौर पर तैनात प्रधानों का कार्यकाल छह महीने बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है. इसी बीच पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने साफ कहा है कि पिछड़ों का आरक्षण सुनिश्चित होने तक पंचायत चुनाव नहीं होने देंगे. उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के बाद ही पंचायत चुनाव का बिगुल बजेगा.
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‘पिछड़ों का आरक्षण तय होने तक चुनाव नहीं होने दूंगा’
एक जनसभा में दिए गए राजभर के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें वह कहते सुनाई दे रहे हैं कि जब तक पिछड़ों का आरक्षण सुनिश्चित नहीं होगा, तब तक पंचायत चुनाव नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में है और वह अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर रहे हैं. राजभर ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वालों को भी जवाब दिया.
‘जितनी औकात है, उतना ही बोलें’
राजभर ने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्हें प्रधान नहीं बनने देंगे. इस पर उन्होंने कहा, ‘उनकी औकात नहीं है. जितनी औकात है, उतना ही बोलें. ज्यादा न बोलें.’ उन्होंने दोहराया कि सरकार पिछड़े वर्ग का आरक्षण सुनिश्चित किए बिना चुनाव नहीं कराएगी.
प्रशासकों का कार्यकाल छह महीने बढ़ाने का प्रस्ताव
ग्राम पंचायतों में प्रशासकों का मौजूदा कार्यकाल 24 नवंबर तक है. इससे पहले पंचायती राज विभाग ने इसे छह महीने और बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है. राजभर ने भी कहा कि कार्यकाल बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है. उनके मुताबिक, सरकार उपलब्ध अधिकारों का इस्तेमाल कर रही है.
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हाईकोर्ट के आदेश के बीच चुनाव पर सस्पेंस
पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के तीन महीने में चुनाव कराने के आदेश और सरकार की आरक्षण संबंधी प्रक्रिया के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं है. राजभर ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग 50 जिलों में काम पूरा कर चुका है और 25 जिलों का काम बाकी है. उन्होंने बताया कि आयोग इस संबंध में फिर हाईकोर्ट जा सकता है. ऐसे में चुनाव की तारीख और आरक्षण की प्रक्रिया पर सबकी नजर है.
हालांकि, यह राजभर का बयान है. इसे पंचायत चुनाव की आधिकारिक तारीख या सरकार के अंतिम फैसले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर को तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया था. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि चुनाव की तैयारी और प्रक्रिया आयोग के काम से नहीं रुकेगी.
