कानपुर. कानपुर में रविवार को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा. उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश के समर्थक ‘भैया आ रहे हैं’ कह रहे हैं, लेकिन उनके मुख्यमंत्री रहते क्या हुआ, यह भी याद रखना चाहिए. ओवैसी ने मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान करीब 50 हजार लोग अपने घर और गांव से बेघर हुए थे.
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‘सपा में कितने मुस्लिम सांसद और विधायक थे?’
ओवैसी ने कहा कि यूपी में मुसलमानों की स्थिति के लिए उन राजनीतिक दलों से सवाल पूछा जाना चाहिए, जिन्हें मुस्लिम समुदाय ने वोट दिया. उन्होंने दावा किया कि यूपी में 15 साल से अधिक उम्र के बड़ी संख्या में मुस्लिम लोग प्राथमिक शिक्षा भी पूरी नहीं कर सके. ओवैसी ने कहा कि ऐसे सवालों का जवाब उन दलों को देना चाहिए, जो लंबे समय तक सत्ता में रहे.
बीजेपी को रोकने के लिए गठबंधन का ऑफर
AIMIM प्रमुख ने विपक्षी दलों को गठबंधन का खुला ऑफर दिया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भी नहीं चाहती कि यूपी में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बने. ओवैसी ने कहा कि जो दल बीजेपी को दोबारा सत्ता में आने से रोकना चाहते हैं, वे AIMIM से हाथ मिलाएं. उन्होंने यह भी कहा कि 2 अक्टूबर तक गठबंधन को लेकर इंतजार किया जाएगा और इसके बाद जिस पार्टी से समझौता होगा, उसका ऐलान किया जाएगा.
जयंत चौधरी पर टिप्पणी का भी दिया जवाब
ओवैसी ने RLD प्रमुख जयंत चौधरी को ‘चवन्नी’ कहे जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि वह जयंत और उनकी पत्नी को अच्छी तरह जानते हैं और जयंत की पत्नी उनकी बहन हैं. ओवैसी ने कहा कि राजनीतिक रूप से वे बीजेपी और जयंत के खिलाफ हैं, लेकिन किसी के लिए घटिया भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
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गडकरी की तारीफ, संगठन मजबूत करने का दावा
ओवैसी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात का जिक्र करते हुए उनकी तारीफ की. उन्होंने कहा कि सड़क और पुल से जुड़े मुद्दों पर गडकरी ने तत्काल अधिकारियों को काम तेज करने के निर्देश दिए. ओवैसी ने दावा किया कि AIMIM का यूपी में संगठन जमीनी स्तर पर मजबूत हुआ है और पार्टी सभी विधानसभा क्षेत्रों में विस्तार कर रही है. प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने भी कहा कि AIMIM कानपुर की सभी विधानसभा सीटों पर मजबूती से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है.



