प्रदीप मालवीय, उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव को 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पंचायत सचिव ने निर्माण कार्यों की राशि स्वीकृत करने के बदले सरपंच से 45 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
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जानकारी के मुताबिक ग्राम बोरदा मांडा में सरपंच राजेश चतुर्वेदी निवासी ग्राम बोरदा मांडा द्वारा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन के समक्ष शिकायत कि उसके द्वारा ग्राम पंचायत बोरदा मांडा में निर्माण कार्य करवाए गए हैं। लेकिन ग्राम पंचायत सचिव दरबार सिंह राठौड़ द्वारा उनकी स्वीकृति के लिए 45000 रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही हैं। साथ ही 15000 रूपए पूर्व में ले लिए है। जिसके बाद शिकायत की तस्दीक निरीक्षक दीपक सेजवार द्वारा की गई शिकायत सत्यापन में सही पाए जाने पर उज्जैन लोकायुक्त दल द्वारा ट्रैप आयोजित किया गया।
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सचिव ने आवेदक से 30 हजार रूपए की रिश्वत राशि लेकर अपने साथी ठेकेदार कमल बंजारा को को दे दी । आज 30000 रूपए की रिश्वत लेते हुए सचिव दरबार सिंह राठौड़ और उसके साथी ठेकेदार कमल बंजारा को ग्राम पंचायत बोरदा मंडा तहसील तराना को थाना कायथा के पास आवेदक की गाड़ी स्विफ्ट डिज़ायर MP09 CH 5873 मे रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
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