पंचकूला। दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाने की तैयारी थी। तीनों पुतले 100-100 फीट ऊंचे बनने थे। लेकिन ऐन मौके पर ऐसा झटका लगा कि आयोजकों की चिंता बढ़ गई। पुतले बनाने का ठेका लेने वाला कारीगर एडवांस के डेढ़ लाख रुपये लेकर गायब हो गया। अब पुतलों का काम अधूरा पड़ा है। आयोजकों ने करीब 20 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई है।
मामला पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड का है। यहां सेक्टर-4 के श्री रामलीला युवा मंच की ओर से दशहरे की तैयारियां की जा रही थीं। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले बनाने की जिम्मेदारी आगरा के कारीगर उस्मान कुरैशी को दी गई थी। दोनों पक्षों के बीच तीनों पुतले बनाने का सौदा 2.5 लाख रुपये में तय हुआ था।
8 दिन काम किया, फिर देने लगा इंतजार। कारीगर करीब 15 दिन पहले अपनी टीम के साथ पंचकूला पहुंचा था। उसने आठ दिन तक पुतले बनाने का काम भी किया। इसके बाद वह बाकी काम पूरा करने का भरोसा देकर चला गया। उसने कहा था कि दशहरे से चार दिन पहले लौटकर काम पूरा कर देगा। आयोजकों को उम्मीद थी कि समय पर तीनों पुतले तैयार हो जाएंगे।
लेकिन इंतजार बढ़ता गया। कारीगर वापस नहीं आया। उसके साथियों के फोन भी बंद मिलने लगे। इसके बाद आयोजकों को ठगी की आशंका हुई। जिस कारीगर को दशहरे की सबसे बड़ी तैयारी पूरी करनी थी, उसी के गायब होने से पूरा कार्यक्रम मुश्किल में पड़ता दिखाई देने लगा।
सामग्री पर खर्च हो चुकी बड़ी रकम। आयोजकों के मुताबिक, पुतले बनाने के लिए बांस, कपड़े, लोहे और दूसरी जरूरी सामग्री पर काफी पैसा लगाया जा चुका है। काम बीच में छूटने से नुकसान बढ़ने की आशंका है। समिति का दावा है कि कुल नुकसान करीब 20 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
पुलिस तक पहुंचा मामला। रामलीला समिति ने कारीगर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। आयोजकों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दशहरे से पहले तीनों विशाल पुतले कैसे तैयार होंगे और रावण दहन की परंपरा को समय पर कैसे निभाया जाएगा।
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