पंचकूला। शहर में सोमवार रात गोलियां चलने से हड़कंप मच गया। ताऊ देवीलाल स्टेडियम के पीछे पुलिस का सामना दो हथियारबंद युवकों से हो गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों के बाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपियों के पास से जिगाना और PX-30 पिस्टल बरामद हुई हैं।

पुलिस की शुरुआती जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। दोनों आरोपी कथित तौर पर मोहाली के एक नामी बिल्डर के ऑफिस पर फायरिंग करने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि बिल्डर से रंगदारी मांगी गई थी। रकम देने से इनकार करने पर उसे डराने के लिए गोली चलाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, इस साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है।

नाकाबंदी देखकर भागने लगे बाइक सवार

पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब 11 बजे दो युवकों के अवैध हथियार लेकर बाइक पर घूमने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने ताऊ देवीलाल स्टेडियम के कोने पर नाकाबंदी कर दी।

इसी दौरान पीछे की सड़क से बाइक पर आ रहे दोनों युवकों की नजर पुलिस पर पड़ी। उन्होंने बाइक मोड़कर वहां से निकलने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी बाइक फिसल गई। पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ने के लिए आगे बढ़कर घेरने का प्रयास किया।

पुलिस का दावा है कि इसी दौरान दोनों युवकों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी गोलीबारी की। इस कार्रवाई में दोनों आरोपियों के बाएं पैर में एक-एक गोली लगी। पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया।

अमृतसर के रहने वाले हैं दोनों आरोपी

पकड़े गए युवकों की पहचान पंजाब के अमृतसर जिले के अर्शदीप और जुगराज के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, अर्शदीप गांव बोरसी और जुगराज गांव रूमाणाचक का रहने वाला है।

मुठभेड़ में घायल दोनों आरोपियों को पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उनके पास से दो पिस्टल बरामद की हैं। इनमें एक जिगाना और दूसरी PX-30 बताई गई है।

रंगदारी के मामले में हथियारों की डिलीवरी की जांच

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने पंचकूला से हथियारों की डिलीवरी ली थी। इसके बाद उन्हें मोहाली के एक बिल्डर के ऑफिस पर फायरिंग करनी थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि बिल्डर को रंगदारी के लिए धमकी भरी कॉल आई थी। रकम नहीं मिलने पर उसके ऑफिस पर गोलियां चलाकर दबाव बनाने की योजना बनाई गई थी।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को हथियार किसने दिए, इस पूरी योजना के पीछे कौन लोग हैं और रंगदारी की धमकी से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच के बाद ही साजिश के पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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