शिखिल ब्योहार, भोपाल/पांढुर्णा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 अक्टूबर को प्रदेश के 55वें जिले पांढुर्णा पहुंचे, जहां उन्होंने कम वर्षा से पैदा हो रही स्थिति की ग्राउंड जीरो पर समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक कर बारिश, जल उपलब्धता और किसानों को होने वाली संभावित समस्याओं की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को हरसंभव सहायता के कड़े निर्देश जारी किए।

रोजगार और विकास के लिए खजाना खाली नहीं होगा

बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2023 में पांढुर्णा को जिला बनाए जाने के बाद से ही राज्य सरकार बुनियादी ढांचे, जिला कार्यालयों के निर्माण और आवश्यक पदों की स्वीकृति के लिए पर्याप्त धनराशि जारी कर रही है। उन्होंने कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर और कमिशनर को तत्काल प्रभाव से पूरा आकलन तैयार कर राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि जनता के रोजगार और क्षेत्र के विकास के लिए सरकार के खजाने में पैसे की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मध्य प्रदेश को देश का नंबर-1 दुग्ध उत्पादक राज्य बनाने का लक्ष्य

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय में इजाफा करने और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठा रही है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले दिनों में पांढुर्णा और आसपास के क्षेत्रों में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ फूड इंडस्ट्री, मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट्स और सहकारी दुग्ध समितियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश वर्तमान में देश में दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है, और सरकार का संकल्प एमपी को देश का नंबर-वन दुग्ध उत्पादक राज्य बनाने का है।

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