प्रवीण भारद्वाज, पानीपत. पानीपत के ESI अस्पताल में मरीजों को निजी अस्पतालों में फर्जी तरीके से रेफर करने का बड़ा घोटाला सामने आया है। यह मामला वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच का बताया जा रहा है, जिसमें अस्पताल के कर्मचारियों की मिलीभगत से अनावश्यक रेफरल किए गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ESI अस्पताल के तीन कर्मचारियों ने कथित रूप से मरीजों को बिना जरूरत निजी अस्पतालों में भेजा और रेफरल फॉर्म पर जाली हस्ताक्षर भी किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

ESI अस्पताल की मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. वंदना
इस पूरे प्रकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए नायब सिंह सैनी ने जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंप दी है। इसके साथ ही राज्य के 133 अन्य पैनल अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस तरह की अनियमितताओं का पता लगाया जा सके।

मामले पर जानकारी देते हुए ESI अस्पताल की मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. वंदना ने बताया कि घोटाले को लेकर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और अब अस्पताल में रेफरल प्रक्रिया को और सख्त बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मरीजों को केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही रेफर किया जाता है, जिसके चलते अस्पताल के वार्डों में ही मरीजों का इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।
फिलहाल ACB की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
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