कुंदन कुमार, पटना। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बिहार में आई बाढ़ को लेकर बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा है। पटना में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, बिहार में बाढ़ का कहर है और सरकार देख नहीं पा रही है। सिंचाई मंत्री सह उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी आदमी को बर्बुक बनाने का काम रहे हैं। पप्पू यादव ने कहा कि, 25 साल से सरकार में आप (विजय चौधरी) थे, तो संधि का ध्यान नहीं आया। नदियों में जो गाद जमा है। क्या यह नासा ने किया है?

बिहार में हालात खराब, 56 लाख लोग प्रभावित

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने पैसा लेकर नदियों में गाद जमा किया है। उन्होंने कहा कि, गंगा में बहुत गाद जमा है। किसने किया नासा ने किया क्या? बाढ़ के नाम पर मंत्री सब पैसा लुट रहे हैं क्या यह भी नासा ने किया? मोदी से सब राज्यों को पैसा दिया। बिहार को क्यों नहीं दिया? पंजाब में बाढ़ आया तो केंद्र सरकार ने मदद किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के नाम पर सरकार अरबों रुपये खर्च करती है, लेकिन इसके बावजूद हर साल लोगों को बाढ़ की मार झेलनी पड़ती है।

पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में बाढ़ से करीब 56 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि फसलें बर्बाद हो गई हैं और कई लोगों के घर गिर गए हैं। उन्होंने सरकार पर बाढ़ प्रभावित लोगों की पर्याप्त मदद नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान नेताओं के लिए 100 हेलिकॉप्टर लगाए जाते हैं, लेकिन बाढ़ के समय राहत और बचाव के लिए हेलिकॉप्टर क्यों नहीं लगाए जाते।

सरकार और नेताओं पर भी साधा निशाना

सांसद ने मुख्यमंत्री के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भागलपुर गए, लेकिन वहां कुछ ही मिनट रुके। चंपारण में भी मुख्यमंत्री के कम समय रुकने की बात कही। पप्पू यादव ने कहा कि वह पिछले 26 दिनों से लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में घूम रहे हैं और लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं देख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि छपरा में उनकी ओर से 50 लाख रुपये की मदद भी बांटी गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ के मामले में नेताओं और अधिकारियों के बीच मिलीभगत है। पप्पू यादव ने कहा कि एक ही जगह बार-बार तटबंध टूटने के बावजूद जिम्मेदारी तय नहीं की जाती। उन्होंने बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार से जांच कराने की मांग की।

7 इंजीनियरों के निलंबन का भी किया जिक्र

पप्पू यादव ने तटबंध टूटने के मामले में 7 इंजीनियरों के निलंबन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ इंजीनियरों पर कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदार ठेकेदारों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तटबंधों के निर्माण और मरम्मत में गड़बड़ी की जांच जरूरी है।

निर्माण कंपनियों और ठेकेदारों पर लगाए आरोप

सांसद ने सिंगला कंपनी और श्रीराम कंस्ट्रक्शन को दिए गए काम को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कंपनियों को दिए गए कई कामों में गड़बड़ी हुई और तटबंध टूटने की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री समेत संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा है और सुप्रीम कोर्ट में भी मामला दायर किया है।

पप्पू यादव ने निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने श्याम स्टील के सरिये को लेकर आरोप लगाए और कहा कि इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों के निर्माण में भी इसी तरह की सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत है और वह इस मामले में शिकायत करने वाले हैं।

टेंडर प्रक्रिया पर उठाए सवाल

पप्पू यादव ने कहा कि सरकारी निर्माण कार्यों के लिए खुले टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कुछ चुनिंदा लोगों को ही बार-बार काम क्यों दिया जाता है। उन्होंने बिहार में निर्माण कार्यों और बाढ़ से जुड़े मामलों की जांच की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों और सभी ठेकेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

माफिया लड़ रहे हैं एमएलसी चुनाव

पप्पू यादव ने कहा कि 25 दिनों से मैं बाढ़ पीड़ितों के बीच में हूं। काम कर रहा हूं। आज 26वां दिन है। मैं आज भी बाढ़ पीड़ितों से मिलने जा रहा हूं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, लोग औरंगाबाद पिकनिक मनाने जाते हैं, लेकिन बिहार में बाढ़ के लोगों की मदद नहीं करते हैं। वहीं, एमएलसी चुनाव को लेकर सांसद ने कहा कि जो भी एमएलसी का चुनाव लड़ रहा है। वो सब माफिया है। एमएलसी के चुनाव में सब (पार्टियां) पैसा कमाता है।

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