​पश्चिम चंपारण। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मध्य विद्यालय मठिया से बीते 12 अक्टूबर को अचानक लापता हुए 13 वर्षीय छात्र शिब्बू खान का नरकंकाल सोमवार को दोन नहर के समीप स्थित एक गन्ने के खेत से बरामद किया गया। कंकाल मिलने की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

​कपड़ों और चप्पलों से हुई मासूम की पहचान

​घटना की सूचना मिलते ही लापता छात्र के परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल पर पड़े कपड़ों और चप्पलों को देखकर कंकाल की पहचान मेघवल गांव निवासी अमानुल्लाह खान के तीसरे पुत्र शिब्बू खान के रूप में की। शिब्बू राजकीय मध्य विद्यालय मठिया में छठी कक्षा का छात्र था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इस खौफनाक वारदात से पूरा गांव गहरे शोक में डूबा हुआ है।

​पुलिस की लापरवाही पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा

​मासूम का नरकंकाल बरामद होने और मामले में पुलिसिया कार्रवाई की सुस्त रफ्तार से गुस्साए ग्रामीणों तथा परिजनों ने उग्र प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने रामरेखा नदी पुल पर पहुंचकर धरना दिया और सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रखा। इसके बाद प्रदर्शनकारी थाने पहुंचे और वहां भी विरोध दर्ज कराया। परिजनों का सीधा आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते तुरंत कदम उठाए होते तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।

​जांच में जुटी एफएसएल टीम और अधिकारियों का आश्वासन

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीपीओ सत्येंद्र राम और थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीपीओ ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और आश्वासन दिया कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इसके साथ ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की विशेष टीम ने भी घटनास्थल का गहन मुआयना किया और महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि कंकाल को कब्जे में लेकर गहन अनुसंधान जारी है।

​12 अक्टूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ था गायब

​उल्लेखनीय है कि 12 अक्टूबर को दोपहर के समय शिब्बू अपनी किताबें विद्यालय में ही छोड़कर रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने उसी दिन संबंधित थाने में आवेदन देकर गुहार लगाई थी। सोमवार को जब गांव की कुछ महिलाएं गन्ने के खेत की तरफ घास काटने गईं, तब उन्होंने इस नरकंकाल को देखा और तुरंत ग्रामीणों को सूचना दी। पुलिस अब सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की छानबीन कर रही है।