नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके के अस्पताल में आग लगने से वेंटिलेटर पर मौजूद 64 वर्षीय एक मरीज की मौत हो गई. मृतक की पहचान प्रेम नगर निवासी रामसेवक के रूप में हुई है, जो गुर्दे (Kidney) की बीमारी से पीड़ित था और वेंटिलेटर पर था. अधिकारी के अनुसार, उन्हें उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के रोहिणी स्थित ब्रह्मशक्ति अस्पताल में सुबह करीब 5 बजे आग लगने की घटना की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की 9 गाड़ियों को तुरंत सेवा में लगाया गया.

भारी लापरवाही उजागर

दिल्ली दमकल सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल की इमारत की तीसरी मंजिल पर आईसीयू वार्ड में आग लगने की सूचना मिली थी. उन्होंने कहा कि कोई भी अग्निशमन प्रणाली काम करने की स्थिति में नहीं पाई गई और यहां तक कि निकास द्वार भी बंद पाया गया. इस बीच घटना के बारे में कॉल प्राप्त करने वाली दिल्ली पुलिस ने भी इस पर संज्ञान लिया है और विजय विहार पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 285, 287 और 304 ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.

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आग जब लगी, अस्पताल में हो रहे थे कई ऑपरेशन

पुलिस उपायुक्त (रोहिणी जिला) प्रणव तायल ने कहा कि वेंटिलेटर पर मौजूद मरीज की मृत्यु हो गई, क्योंकि आग के कारण बिजली और ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई थी. प्रारंभिक जांच के बाद पता चला कि आग लगने का कारण शार्ट सर्किट है. हालांकि आईसीयू में भर्ती बाकी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. सबसे बड़ी बात तो ये है कि जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त कई मरीजों के आपरेशन भी हो रहे थे. तत्काल आपरेशन रोककर उन्हें अस्पताल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. समय रहते बचाव कार्य शुरू हो जाने के चलते आग तीसरी मंजिल से ज्यादा नहीं फैल सकी.

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तीसरी मंजिल से कूदने पर एक डॉक्टर भी घायल

एक मरीज की मौत हुई, जबकि तीसरी मंजिल से कूदने से एक डॉक्टर के पैर में चोट लग गई. जानकारी के अनुसार आग इतनी ज्यादा थी कि आईसीयू में मौजूद सारी चीजें जलकर खाक हो गई. ये अस्पताल बुद्ध विहार इलाके का सबसे पुराना और सबसे बड़ा है. यहां सैंकड़ों की संख्या में रोज मरीज भर्ती होते हैं. आग लगने पर आम लोगों और अस्पताल के कर्मचारियों की मदद से मरीजों बचाया गया.