पटना में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से एक बड़ा और भव्य प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और नागरिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर एबीवीपी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से एक विशाल जनसभा के बाद मार्च निकालेगी। लोकतंत्र बचाओ अराजकता रोको जैसे अहम नारों के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यभर से बड़ी संख्या में छात्र, युवा और आम नागरिक शामिल होने पहुंच रहे हैं। यह पूरा विरोध मार्च गांधी मैदान से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्ग से गुजरते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंचेगा, जहां इसका समापन एक बड़ी सभा के रूप में होगा।
DU छात्र संघ अध्यक्ष यश डबास करेंगे शिरकत
इस छात्र प्रदर्शन की सबसे खास बात यह है कि इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास विशेष रूप से शामिल होंगे। उनके साथ देश और प्रदेश के कई अन्य छात्र नेता भी इस आंदोलन को समर्थन देने पहुंच रहे हैं। एबीवीपी का मानना है कि इस आयोजन के माध्यम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और छात्र अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता को और अधिक बढ़ाया जा सकेगा। संगठन का यह भी कहना है कि एक सशक्त लोकतंत्र को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और उनकी गरिमा का सम्मान होना सबसे अधिक आवश्यक है।
लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर जोर
आयोजकों का यह भी साफ तौर पर कहना है कि एक स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति जताना और विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है, लेकिन ऐसा करते समय भी पूरी तरह से संवैधानिक मर्यादाओं का पालन किया जाना चाहिए। अराजकता और हिंसा से दूर रहकर लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात रखना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है। इसी मुख्य उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस जनसभा और विरोध प्रदर्शन के जरिए युवाओं को प्रेरित करने की पूरी योजना बनाई गई है ताकि वे देशहित के मुद्दों पर खुलकर अपनी आवाज बुलंद कर सकें।
लोकतंत्र केवल शासन की व्यवस्था नहीं: सुमित कुमार सिंह
इस पूरे आयोजन के संदर्भ में एबीवीपी बिहार प्रदेश के मंत्री सुमित कुमार सिंह ने एक बयान में कहा कि लोकतंत्र केवल सरकार चलाने या शासन व्यवस्था तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं, नागरिकों के मौलिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के आपसी सम्मान पर मजबूती से टिका हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में यदि लोकतांत्रिक मूल्यों पर किसी भी प्रकार का संकट या खतरा उत्पन्न होता है, तो देश और राज्य के युवाओं का यह नैतिक कर्तव्य बन जाता है कि वे आगे आएं, जागरूक हों और पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाएं। संगठन को पूरी उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के जरिए युवाओं में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और लोकतंत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और अधिक मजबूत होगी।

