कुंदन कुमार, पटना। ​बिहार के प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने पटना और बेगूसराय में ताबड़तोड़ छापेमारी की। यह कार्रवाई पटना के एडीएम (सप्लाई) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी सह दानापुर की जिला अवर निबंधक (सब-राजिस्ट्रार) कुमारी स्विटी के ठिकानों पर की गई है। दोनों अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है, जिसके बाद निगरानी थाने में मामला दर्ज कर कोर्ट के वारंट पर यह एक्शन लिया गया।

​पटना आवास पर नोटों के बंडल

​विजिलेंस की टीम ने दानापुर के कश्यप ग्रीनसिटी नहर रोड स्थित आवास पर जब दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। तलाशी के दौरान पांच-पांच सौ रुपए के नोटों की एक सौ से ज्यादा गड्डियां बरामद हुईं, जिनकी कुल कीमत 1 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। इसके साथ ही घर से 35 से ज्यादा महंगी और ब्रांडेड घड़ियां भी मिली हैं।

​बेगूसराय पैतृक आवास पर भी विजिलेंस की रेड

​पटना के अलावा बेगूसराय जिला मुख्यालय स्थित नगर थाना क्षेत्र के पोखरिया वार्ड नंबर-37 में उनके पैतृक आवास पर भी छापेमारी की गई। डीएसपी वासुदेव राय के नेतृत्व में पहुंची 6 सदस्यीय टीम ने गहन छानबीन की। इस दौरान बेगूसराय आवास से 9 लाख रुपए से अधिक नकद और भारी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद किए गए।

​दस्तावेजों की जांच और आगे की कार्रवाई

​फिलहाल दोनों ठिकानों पर निगरानी विभाग की तलाशी और जांच का सिलसिला जारी है। अधिकारी बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्तियों का मिलान इनकी घोषित आय से कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि तलाशी अभियान पूरी तरह संपन्न होने के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल संपत्ति, निवेश और बरामदगी का आधिकारिक और विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक किया जाएगा।