पटना। बिहार में शहरी विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को नई रफ्तार और पारदर्शिता देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) में आज से आधिकारिक रूप से ई-ऑफिस सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस नई डिजिटल व्यवस्था के आने से अब बुडको की सभी फाइलों और परियोजनाओं का पूरा कामकाज ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा। भौतिक (पेपर) फाइलों के संचालन और दौड़भाग का दौर अब पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
2500 से ज्यादा फाइलें हुईं अपलोड
बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर के विशेष निर्देशों के तहत इस डिजिटल क्रांति की पुख्ता तैयारी की गई है। ई-ऑफिस पोर्टल पर पूरे बिहार में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स का विस्तृत ब्योरा समेटते हुए 25,000 से अधिक फाइलें अपलोड की जा चुकी हैं। व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के डिजिटल सिग्नेचर पहले ही तैयार कर लिए गए हैं। साथ ही, कर्मचारियों को इस नई तकनीक का उपयोग करने का व्यापक प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि संक्रमण काल में कार्य प्रभावित न हो।
24 घंटे में तैयार हुई लंबित फाइलों की सूची
नई प्रणाली को जमीन पर उतारने से पहले बुडको की सभी शाखाओं को सख्त निर्देश दिए गए थे कि वे अपने यहां चल रही लंबित फाइलों की सूची 24 घंटे के भीतर तैयार करके स्कैनिंग के लिए सौंप दें। स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी स्तर के कर्मियों को डिजिटल प्रणाली के जरिए फाइलों के निष्पादन की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इससे कार्यालयों के चक्कर काटने की जरूरत कम होगी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
AI डैशबोर्ड से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग
इस पूरी व्यवस्था का सबसे आधुनिक पहलू इसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डैशबोर्ड है। इसके जरिए बुडको की परियोजनाओं की निगरानी अत्यधिक सटीक होगी। इस AI डैशबोर्ड को एमआईएस (MIS), इंजीनियरिंग रिपोर्ट, फाइल ट्रैकिंग सिस्टम और ठेकेदारों (कॉन्ट्रैक्टर) के डेटाबेस के साथ एकीकृत किया गया है। इससे उच्च अधिकारियों को राज्यभर में चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति की रियल-टाइम (वास्तविक समय) जानकारी मिलेगी, जिससे किसी भी तरह की अड़चन आने पर समय पर उचित निर्णय लिया जा सकेगा।
इंजीनियरों और ठेकेदारों के लिए यूजर-फ्रेंडली पोर्टल
परियोजनाओं के क्रियान्वयन में जुटे इंजीनियरों और ठेकेदारों के लिए इस ऑनलाइन सिस्टम को बेहद सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। पोर्टल और एमआईएस पर आंकड़ों को लगातार अपडेट रखने का प्रावधान किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परियोजना की स्थिति, फाइलों के आगे बढ़ने की गति और कॉन्ट्रैक्टर से जुड़ी हर जरूरी जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध हो सके।
पारदर्शी शासन की ओर एक कदम
जल आपूर्ति, सीवरेज, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज जैसी महत्वपूर्ण शहरी आधारभूत संरचना परियोजनाओं को जमीन पर उतारने वाला बुडको अब पूरी तरह डिजिटल फ्रेमवर्क पर आ चुका है। इस क्रांतिकारी बदलाव से न केवल प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

