कुंदन कुमार, पटना। शहर में विजयादशमी के पावन अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला आरंभ हो गया है। राजधानी में पर्यावरण संरक्षण और गंगा नदी की निर्मलता को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन एवं नगर निगम ने अनूठी और सराहनीय पहल की है। इसके तहत गंगा घाटों के पास विशेष कृत्रिम तालाबों का निर्माण कराया गया है, जहां प्रशासनिक देखरेख में मूर्तियां विसर्जित की जा रही हैं।

​दीघा घाट पर कृत्रिम तालाबों में हो रहा विसर्जन

​प्रमुख गंगा तटों में शुमार दीघा घाट के समीप प्रशासन द्वारा कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं। जिला प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बाद तमाम पूजा समितियों ने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इन कृत्रिम तालाबों में ही मां दुर्गे की प्रतिमाओं का विसर्जन करना शुरू कर दिया है। प्रशासन की यह व्यवस्था गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

​प्रशासनिक मुकम्मल तैयारी

​विसर्जन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन की प्रत्यक्ष मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता और अनुशासन के साथ विसर्जन कार्य संपन्न कराया जा रहा है। इसके साथ ही, विधि-व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए दीघा घाट समेत सभी प्रमुख विसर्जन स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन की यह सतर्कता न केवल गंगा की स्वच्छता सुनिश्चित कर रही है, बल्कि शहरवासियों के लिए एक सुरक्षित और अनुशासित त्योहार का माहौल भी तैयार कर रही है।