कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजधानी पटना की राजनीति में इन दिनों जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर चल रहा घमासान चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी के भीतर दो दिग्गज नेताओं, मोकामा विधायक अनंत सिंह और एमएलसी नीरज कुमार के बीच उपजे कड़वे विवाद को शांत करने और सुलह कराने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को सौंपी गई थी। इस सिलसिले में ललन सिंह ने विधायक अनंत सिंह से लंबी बातचीत की और उनका पक्ष जाना। बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व की कार्यप्रणाली और पुरानी घटनाओं को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर सामने रखी।
पुरानी चूक और नेताओं के गिले-शिकवे
मुलाकात के बाद स्थिति स्पष्ट करते हुए ललन सिंह ने माना कि राजनीति में यदि कोई घटना घटती है, तो उसकी प्रतिक्रिया भी सामने आती है। उन्होंने कहा कि ताली एक हाथ से नहीं बजती है। अनंत सिंह का मुख्य दर्द यह है कि जब पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उनका विरोध किया गया था और उनके खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा था, तब पार्टी ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाया था। अनंत सिंह का तर्क है कि उस वक्त पार्टी स्तर पर कार्रवाई न होना प्रदेश नेतृत्व की एक बड़ी चूक थी, जिससे दूरियां और गहरी हो गईं।
अनंत सिंह का रुख और आगे की रणनीति
बातचीत के दौरान बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने अपनी स्थिति बिल्कुल साफ कर दी। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि चूंकि उस चुनाव के दौरान कुछ लोगों ने उनके समर्थन के बजाय उनका पुरजोर विरोध किया था, इसलिए अब वे उन विरोधियों के पक्ष में वोट मांगने के लिए बिल्कुल नहीं जाएंगे। हालांकि, जब केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने उनसे अनुरोध किया कि वे इस मामले में मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर किसी तरह का बयानबाजी से बचें, तो अनंत सिंह ने इस पर अपनी सहमति जता दी है।

