कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग से लौट रही तीन नाबालिग छात्राओं के साथ सरेआम अभद्र टिप्पणी, छेड़खानी और मारपीट की गई है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और एक बार फिर पुलिस की नाइट या डे-पेट्रोलिंग की सक्रियता पर बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरी घटना पटना सिटी के खाजेकलां थाना क्षेत्र के बरकत खां का अखाड़ा इलाके की है। जानकारी के मुताबिक, तीन नाबालिग छात्राएं रोजाना की तरह अपनी कोचिंग से पढ़ाई पूरी कर वापस अपने घर लौट रही थीं। रास्ते में कुछ मनचले किस्म के युवकों ने उन्हें बीच सड़क पर रोक लिया और गंदे-अभद्र कमेंट्स करने लगे।
जब छात्राओं ने इन हरकतों का डटकर विरोध किया, तो आरोपी युवकों ने अपनी हदें पार करते हुए उनके साथ छेड़खानी शुरू कर दी। विरोध करने पर उन पर हाथ उठाया गया और मारपीट की गई। छात्राओं की चीख-पुकार और शोरगुल सुनकर आसपास के लोग जब तक मौके पर पहुंचते, तब तक सभी आरोपी दबंग मौके से फरार हो चुके थे।


पुलिस की कार्रवाई और FIR दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही खाजेकलां थाना की पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है ताकि आरोपियों की सही पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर सभी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पीड़ित छात्राओं के परिजनों के साथ थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। छात्राओं ने पुलिस प्रशासन से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
राजधानी पटना के भीतर इस तरह की सरेआम वारदातें इस बात का सबूत हैं कि असामाजिक तत्वों के दिलों से खाकी का खौफ कम होता जा रहा है। सवाल यह उठता है कि जब राजधानी में ही बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो आम दिनों में सुरक्षा के दावों का क्या मतलब रह जाता है? स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मनचलों पर तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।


