पटना में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित गैराज संचालक अंजनी नंदन कुमार हत्याकांड के मुख्य आरोपी सौरभ सिंह को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।
बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़
बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के कल्याण बीघा रोड पर यह पुलिस मुठभेड़ हुई। पटना पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला था कि कुख्यात अपराधी सौरभ सिंह अपने सहयोगियों के साथ इस इलाके में आने वाला है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में पहले से ही कड़ी घेराबंदी कर रखी थी।
जब सौरभ अपने साथियों के साथ उस मार्ग से गुजर रहा था, तब पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही बदमाश भागने लगे और पीछा करने पर उन्होंने पुलिस दल पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपनी रक्षा में और जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें एक गोली सौरभ सिंह (28 वर्ष), निवासी पत्रकार नगर, कंकड़बाग, पटना के पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे और उसके दो अन्य शूटर साथियों को मौके से दबोच लिया।
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। बदमाशों के कब्जे से 5 पिस्टल और 50 से अधिक जिंदा कारतूस मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि वे किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। घायल आरोपी सौरभ को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पटना रेफर कर दिया।
क्या है पूरा अंजनी मर्डर केस?
यह पूरी कार्रवाई 26 सितंबर को हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले से जुड़ी है। पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के भूपतिपुर इलाके में ‘नंदन ऑटोमोबाइल गैराज’ के संचालक अंजनी नंदन कुमार अपनी दुकान बंद करके रात के वक्त घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाकर बैठे अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। गंभीर रूप से घायल अंजनी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
जांच में यह बात सामने आई कि एक बिल्डर से 20 लाख रुपए की सुपारी लेकर इस वारदात को अंजाम दिया गया था। इस सुपारी किलिंग का मास्टरमाइंड सौरभ सिंह ही था, जो घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। अंततः पुलिस की मुस्तैदी और सटीक सूचना के कारण मुख्य शूटर और उसके साथी कानून के शिकंजे में आ गए हैं।

