पटना विश्वविद्यालय (PU) में परीक्षा व्यवस्था की बदहाली और हालिया पेपर लीक के मामलों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) का गुस्सा फूट पड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की कथित लापरवाही के विरोध में आज छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया और प्रतिरोध दिवस आयोजित किया। इस दौरान छात्रों ने एग्जाम कंट्रोलर के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका पुतला दहन भी किया।

​यूनिवर्सिटी गेट पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन

​प्रदर्शन के कारण तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था। गेट बंद होने से आक्रोशित छात्रों ने गेट पर चढ़कर हाथों में संगठन का झंडा लहराया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने एग्जाम कंट्रोलर इस्तीफा दो… और एग्जाम कंट्रोलर वीक, पेपर लीक जैसे नारे लगाकर पूरे परिसर को गूंजा दिया।

​एलएलबी प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक और अन्य गंभीर आरोप

​छात्रों का कहना है कि पटना यूनिवर्सिटी की पूरी परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। एलएलबी (LLB) और एलएलएम (LLM) की प्रवेश परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके अलावा, सेमेस्टर-1 और सेमेस्टर-3 के परिणामों में लगातार हो रही भारी देरी और सेमेस्टर-2 की लंबित परीक्षाओं के कारण हजारों छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है।
​AISA के एक छात्र नेता आदर्श ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि पटना यूनिवर्सिटी अब अपने शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार बिल्कुल नहीं चल रही है। प्रवेश परीक्षाओं में धड़ल्ले से पेपर लीक हो रहे हैं। सेमेस्टर के नतीजे आए बिना ही अगली परीक्षाएं कराई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 6 महीनों से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं और पटना यूनिवर्सिटी को बर्बाद किया जा रहा है।

​शनिवार को परीक्षा के दौरान कैसे वायरल हुआ था प्रश्नपत्र?

​बता दें कि शनिवार को पटना विश्वविद्यालय की तीन वर्षीय एलएलबी प्रवेश परीक्षा के आयोजन के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया था। यह परीक्षा सुबह 10:30 बजे शुरू हुई थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने के करीब डेढ़ घंटे बाद यानी दोपहर 12 बजे के आसपास सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल होने की खबरें तेजी से फैलने लगीं।
​सामने आई जानकारी के अनुसार, पटना कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी चालाकी से मोबाइल फोन लेकर सीधे परीक्षा कक्ष के अंदर पहुंच गया था। अंदर जाकर उसने प्रश्नपत्र की तस्वीर खींची और उसे सोशल मीडिया के जरिए बाहर भेज दिया। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी परीक्षा केंद्रों पर पहले ही जैमर लगाए गए थे, जिसके कारण वायरल प्रश्नपत्र का कोई भी अनुचित लाभ बाहर से छात्रों तक नहीं पहुंच सका और नकल की आशंका पर रोक लग गई। बावजूद इसके, सुरक्षा व्यवस्था में चूक और पेपर बाहर आने की घटना ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।