Automobile Desk : भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में तगड़ी पकड़ रखने वाली वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा एक बार फिर अपनी लोकप्रिय एसयूवी गाड़ियों के दाम बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर आप भी थार, स्कॉर्पियो या XUV 7XO जैसी महिंद्रा की दमदार गाड़ियां घर लाने की सोच रहे हैं, तो आने वाले दिनों में आपको अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। कंपनी के शीर्ष प्रबंधन का कहना है कि कच्चे माल यानी कमोडिटी की लगातार बढ़ती लागत के कारण वे वाहनों की कीमतों की समीक्षा कर रहे हैं और अगले दो हफ्तों के भीतर इस पर कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। हालांकि, अभी यह पूरी तरह तय नहीं है कि दाम में कितनी बढ़ोतरी होगी या यह फैसला कब से लागू होगा, लेकिन कंपनी बाजार के रुझानों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि इस साल पहले ही तीन मौकों पर महिंद्रा की गाड़ियों के दाम बढ़ाए जा चुके हैं। जनवरी और अप्रैल के बाद जुलाई में भी गाड़ियों की कीमतों में औसतन 2.7 फीसदी का इजाफा किया गया था। इन तमाम बढ़ोतरी के बावजूद शोरूम में ग्राहकों की भीड़ और नई गाड़ियों की बुकिंग पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। कंपनी का मानना है कि पहले मिली जीएसटी कटौती के चलते गाड़ियों के दाम अब भी पुराने स्तर से काफी नीचे बने हुए हैं। यही वजह है कि आगामी त्योहारों के सीजन में भी गाड़ियों की डिमांड काफी मजबूत रहने का अनुमान है।
केवल पेट्रोल-डीजल और सीएनजी ही नहीं, महिंद्रा आने वाले समय में अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पोर्टफोलियो को लेकर भी बड़े कदम उठाने की तैयारी में है। जहां कई अन्य वाहन निर्माता कंपनियां हाइब्रिड मॉडल पर जोर दे रही हैं, वहीं महिंद्रा ने साफ कर दिया है कि उसका पूरा ध्यान फिलहाल ऑल-इलेक्ट्रिक वाहनों पर ही केंद्रित रहेगा। कंपनी का मानना है कि भारतीय बाजार का भविष्य पूरी तरह से ईवी तकनीक पर ही टिका है।
बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता में भी बड़ा इजाफा करने जा रही है। वर्तमान में महिंद्रा हर महीने करीब 60 हजार पेट्रोल-डीजल (ICE) गाड़ियां और 8 हजार इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की क्षमता रखती है। योजना के मुताबिक, इस वित्तीय वर्ष के अंत या अगले वित्त वर्ष की शुरुआत तक पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 70 हजार यूनिट और ईवी की क्षमता 12 हजार यूनिट प्रति माह कर दी जाएगी। इस तरह कंपनी की कुल मंथली प्रोडक्शन कैपेसिटी 68 हजार से बढ़कर सीधे 84 हजार यूनिट हो जाएगी।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने का मुख्य कारण आने वाले दिनों में नए मॉडल का बाजार में उतरना भी है। कंपनी अगले छह महीनों के भीतर अपने पांच मौजूदा मॉडलों को नए अवतार यानी रिफ्रेश वर्जन में पेश करेगी। इसके अलावा दो बिल्कुल नए बड़े लॉन्च भी लाइनअप में शामिल हैं, जिनमें से एक पेट्रोल-डीजल सेगमेंट का होगा और दूसरा पूरी तरह से इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट से जुड़ा होगा।


